18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बासी है पौष्टिकता के मामले में बॉस

चावल को भिगोकर रख दें। दस से 12 घंटे बाद अगली सुबह बासी तैयार हो जाता है। इसे बनाने किसी भी तरह की कृत्रिम ऊर्जा की जरूरत नहीं है। बासी में हेल्थी बैक्टीरिया पनप जाते हैं।

2 min read
Google source verification
टेस्ट में भी बेस्ट

धनिया, पोदिना की चटपटी चटनी का मिश्रण इसके टेस्ट को बेस्ट बना देता है

जगदलपुर। ,"बटकी मा बासी अउ चुटकी मा नून. रबक के खाबो अउ कमाबो भरपूर *****

हमारे छत्तीसगढ़ में बासी की जो प्रतिष्ठा है वो शायद ही किसी व्यंजन को प्राप्त है। मेहनतकश लोगो और किसानों के लिए बासी ऊर्जा से समृद्ध नाश्ता के साथ ही दोपहर का खाना भी है । यही नहीं गृहणियों के लिए श्रेष्ठ बताया गया है। जिले के शहरी और ग्रामीण अंचल में अब यह प्रचलन में आ गया है। छोटे बच्चों को इसे चटपटा बना के खाने में मज़ा आता है, तो बड़े बुजुर्गों को इसके नरम मुलायम चावल के दानों से भरे पसिया (माड़) पीने में।

टेस्ट में भी बेस्ट
वैसे तो बासी का अपना कोई स्वाद नहीं है। पर धनिया, पोदिना की चटपटी चटनी का मिश्रण इसके टेस्ट को बेस्ट बना देता है।

ऐसे बनता है बासी

एनएमडीसी में पदस्थ फोटोग्राफर लक्ष्य ताम्रकार ने बताया कि रात में बने चावल को भिगोकर रख दें। ध्यान रहे चावल पूरी तरह से पानी से डूबा रहना चाहिए। दस से 12 घंटे बाद अगली सुबह बासी तैयार हो जाता है। इसे बनाने किसी भी तरह की कृत्रिम ऊर्जा की जरूरत नहीं है।

यह है एक्सपर्ट की राय
़ - बासी में हेल्थी बैक्टीरिया पनप जाते हैं । जो विटामिन बी-12 बनाते है । साथ ही गेस्टि्रक पीएच तथा हेल्थी गट बायोम मेंटेन होता है

ृ - बासी में कोलेजन की मात्रा बढ़ जाने के कारण यह अच्छी त्वचा के लिए जिम्मेदार है।

़ - बासी में गुड बेक्टिरिया के कारण लेक्टिक एसिड की मात्रा प्रचुर रहती है । जो कि स्तनपान करवाने वाली महिलाओं में दूध बढ़ाता है

5 - हेल्थी गट बायोम के कारण मानसिक अवसाद की स्थिति में भी मदद मिलती है।

आयरन से है भरपूर
बीएमओ डा रवि शुक्ला ने बताया कि आयरन की मात्रा 2000 प्रतिशत तक बढ़ जाती है । दरअसल आयरन की मात्रा तो वही रहती है लेकिन मालीकुलर स्ट्रक्चर में बदलाव होने के कारण शरीर को आयरन एब्जार्ब करने में आसानी होती है।