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वन अमले की निष्क्रियता से तस्करों के हौसले बुलंद, कट रहा है जंगल

बस्तर जिले के माचकोट के जंगलों में इन दिनों अवैध कटाई का जोर है वन अमला सुस्त पड़ा हुआ है विभाग के कुछ लोग लगातार इस अवैध कटाई को संरक्षण दे रहे है जिसके कारण शासन को लाखो के राजस्व की हानि छप रही है ....  

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माचकोट के जंगल मे हो रही अवैध कटाई....

कट रहे बेशकीमती साल-सागौन के पेड़.....

मनोज साहू की रिपोर्ट....

जगदलपुर. बस्तर जिले में तिरिया माचकोट वन परिक्षेत्र जिले की सर्वाधिक घना ओैर दुर्गम इलाका माना जाता है। शहरी क्षेत्र से लगे होने से तीरिया माचकोट के जंगल में लकडी तस्करी लगातार हो रहीे हैं। बावजूद यहाँ कुरंदी परिक्षेत्र के सभी तीन समिति सालों से आर्थिक तंगी के चलते निष्क्रिय है। इस पंचायत में सुलियागुडा, कुरंदी व चिलकुटी तीन समिति बनाये गये हैं। सघन वन क्षेत्र होने के बावजूद तीनों समिति के फंड खाली है। जिसका असर वनों की सुरक्षा पर पड़ता है वन अफसर इन समितियों का फंड भी हज़म कर जा रहे है ।

वन्यग्रामों में वन सुरक्षा समिति की भूमिका अहम
वन विभाग में वनों की सुरक्षा में समिति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसका मुख्य कार्य वनों की अवैध कटाई तथा वन्य अपराधों को रोकने की होती है। इसके लिये वन सुरक्षा समिति दैनिक वेतन पर कार्य करने के लिये कर्मचारी भी रखते हैं। कुरंदी परिक्षेत्र में वन विभाग ने तीन समितियों का गठन किया है। लेकिन विगत 5 वर्षों से यहाँ की समिति फं ड के आभाव में कोई काम नहीं कर पा रही है। आर्थिक मदद के बिना यहां की समितियों को आर्थिक तंगी से गुजरना पड रहा है।

समिति के सदस्यों के पास काम नहीं

कुरंदी परिक्षेत्र के सुलियागुडा, कुरंदी व चिलकुटी में पिछले लगभग पाँच वर्षों से किसी भी मद में आर्थिक मदद नहीं मिलने से तीनों समिति बडी कठिनाइयों से चल रही है। यहाँ की लगभग सभी काम ठंडे पडें हैं। किसी भी तरह की काम नहीं मिलने से इन समितियों के सदस्य निराश व आर्थिक तंगी से गुजर रहें हैं। जबकि आसपास के कई वन सुरक्षा समितियों के फंड में लाखो रूपये हैं व वहां की समितियां अच्छा काम कर रही है। यहाँ कि समिेति अघ्यक्षों का मानना है कि हमारी समितियों में भी विभाग कुछ फं ड की व्यवस्था करती है तो वनों में हो रहे अवैध कार्यो की निगरानी करने में सहूलियत हो सकती है।

लकडी तस्करों के हौसले बुलंद
माचकोट परिक्षेत्र के कुरंदी इलाके मेें आये दिन लकडी तस्करी के मामले बढ रहे हैं बावजूद यहाँ की वन सुरक्षा समिति को हाशिये में रखना समझ से परे है। इस इलाके में सुरक्षा समितियों के दखल नहीं होने से वनों के भीतर हो रही अवैध कटाई व अन्य वन्य अपराधों को रोक पाने में वन विभाग लाचार है। वही लकडी तस्करों के हौसले बुलंद है। अगर आने वाले दिनों में वन सुरक्षा समितियों को दुरूस्त नहीं किया गया तो इस इलाके में अवैध कटाई के मामले और बढ रहे हैं |

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