3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर के 72 आगनबाड़ी केंद्र में मशीन ही नहीं, कैसे नापेंगे नौनिहालों का वजन

महिला एवं बाल विकास द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में आ रहे छोटे बच्चों में पोषण का स्तर जानने एक अगस्त से 13 अगस्त तक वजन त्योहार मनाया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा बिना किसी तैयारी के इस त्यौहार के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को निर्देश दिए जा चुके हैं। जिले की अधिकांश केन्द्रों में वजन मशीन ही नहीं है।

2 min read
Google source verification
शहर के 72 आगनबाड़ी केंद्र में मशीन ही नहीं, कैसे नापेंगे नौनिहालों का वजन

आज से वजन त्योहार, 94 हजार बच्चों की 13 अगस्त तक होनी है जांच

जगदलपुर. खास बात यह है कि जगदलपुर के तीनों सेक्टर पूर्व , पश्चिम और मध्य सेक्टर के सभी केन्द्रों में वजन मशीन ही नहीं है।यही हाल ग्रामीण इलाकों का है। यहां अधिकतर में वजन मशीन ही नहीं है। अगर कहीं है तो वह भी खराब स्थिति में है। जिले के बास्तानार, बकावण्ड, बस्तर, दरभा, लोहंडीगुड़ा जैसे ब्लाकों के आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन मशीन नहीं होने से यह त्यौहार कैसे मानेगा यह न कार्यकर्ता बता पा रहे हैं न सहायिका।

कैसे होगा पोषण स्तर की जांच

बस्तर जिले में मनाए जा रहे वजन त्योहार के तहत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की जांच कर उनके पोषण स्तर का रिपोर्ट सरकार को देना है। एक से 13 अगस्त तक चलने वाले इस वजन त्यौहार में बच्चों के अभिभावकों की उपस्थिति में वजन और ऊंचाई माप लेना है। इसमें ऐसे बच्चों को चिह्नांकित किया जाएगा, जिन बच्चों का पोषण स्तर कमजोर है, उनका पोषक स्तर कैसे बढ़ेगा, इसकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही एनीमिक महिलाओं की जांच की जाएगी।

विभागीय अधिकारियों की लापरवाही

वजन त्योहार मनाने की जानकारी महीने भर पहले ही विभाग के अधिकारियों को होने के बावजूद आंगनबाड़ी केंद्रों में मशीनों की उपलब्धता होने या नहीं होने की कोई जानकारी नहीं ली गई। न ही खराब वजन मशीनों की मरम्मत समय रहते नहीं किया गया। जिलेभर में सैकड़ों आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन मशी नहीं होने की जानकारी अधिकारियों को होने के बावजूद मशीन उपलब्ध कराए जाने के लिए किसी प्रकार के कदम नहीं उठाए गए।

17 हजार से अधिक कुपोषित

जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में लगभग 94 हजार बच्चे दर्ज हैं। इनमे से लगभग 17 हजार से अधिक बच्चे पूर्व से कुपोषित हैं। रेडी टू ईट की सप्लाई भी नियमित नहीं है। शहरी क्षेत्र की बात किया जाय तो करीब डेढ़ हजार बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। यही स्थिति यहां गर्भवती महिलाओं और शिशुवती महिलाओं की है। छह माह से तीन वर्ष के 37 बच्चे कुपोषित हैं तो 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के 26 बच्चे कुपोषित दर्ज हैं।

आंकड़े एक नजर में

कुल आंगनबाड़ी केंद्र-1981

मेन आंगनबाड़ी केंद्र-1861

मिनी आंगनबाड़ी केंद्र-120

आंगनबाड़ी परियोजना

बस्तर-

सेक्टर - 15केन्द्र -378

जगदलपुर शहरी-

सेक्टर -3केन्द्र -72

जगदलपुर ग्रामीण-

सेक्टर -11केन्द्र -333

दरभा -

सेक्टर -06केन्द्र - 161

बास्तानार-

सेक्टर - 06केन्द्र -156

तोकापाल-

सेक्टर - 07केन्द्र - 196

लोहंडीगुड़ा-

सेक्टर- 10केन्द्र -278

बकावण्ड 1 -

सेक्टर - 10केंद्र -221

बकावण्ड 2 -

सेक्टर -06केन्द्र -186

Story Loader