
बस्तर दशहरा
जगदलपुर। इस साल बस्तर दशहरा का लाइव प्रसारण नहीं हो पाएगा। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि बस्तर दशहरा समिति के पास इस काम के लिए अतिरिक्त फंड नहीं है। कोरोना काल में इस नई पहल की शुरुआत हुई थी लेकिन इसे दो साल बाद अब रोका जा रहा है। दरअसल इस काम में लगभग 7 से 8 लाख रुपए खर्च होते थे और कई एंगल से दशहरा की रस्में को कैमरे में कैद करते हुए उसका लाइव प्रसारण किया जाता था जो लोग बस्तर दशहरे में नहीं पहुंच पाते थे वे भी देश-दुनिया में कहीं पर भी बैठकर इस लाइव प्रसारण को देख पाते थे। इसके माध्यम से बस्तर की संस्कृति और विश्व प्रसिद्ध दशहरे का व्यापक प्रचार हो रहा था लेकिन इस बार इस काम को रोक दिया गया है। इस काम को देख रही शहर की ही एक एजेंसी का कहना है कि कोरोना काल चीजों को देखने और दिखाने का तरीका बदला। इसे आगे भी लेकर जाना चाहिए था क्योंकि जो लोग बस्तर में हैं वे तो दशहरा देखने पहुंच जाएंगे लेकिन जो लोग बाहर हैं उनके लिए यह माध्यम जरूरी था। इससे बस्तर के टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलता जो लोग यू ट्यूब पर दशहरा को करीब से देखते उनमें इसे करीब से देखने की भी जिज्ञासा बढ़ती। अब ऐसे में यही सवाल खड़ा होता है कि बस्तर के टूरिज्म से लोग कैसे कनेक्ट होंगे। आज के दौर में जब सोशल मीडिया प्रचार का सबसे सशक्त माध्यम है तब इसे बस्तर के पर्यटन से दूर किया जा रहा है। जिम्मेदारों को इस पर विचार करना चाहिए।
टूरिज्म बोर्ड को करनी चाहिए पहल
बस्तर के पर्यटन को बढ़ावा देने का काम कर रही टूर एजेंसियों का कहना है कि इस काम में टूरिज्म बोर्ड को आगे आना चाहिए। दशहरा समिति का बजट सीमित है लेकिन टूरिज्म बोर्ड के लिए ७-८ लाख रुपए खर्च करना बड़ी बात नहीं है। इस काम से बस्तर के पर्यटन को बढ़ावा ही मिलेगा। ज्यादा से ज्यादा लोग बस्तर के पर्यटन से जुड़ेंगे और यहां घूमने के लिए आएंगे। इससे बस्तर में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कोरोना की वजह से पहले ही बस्तर की टूरिज्म इंडस्ट्री का बुरा हाल है। इस तरह की पहल को रोकने से और भी ज्यादा नुकसान होगा। यहां के टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए यू ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग बंद नहीं करना चाहिए।
दो साल में बस्तर के पर्यटन उद्योग ने देखा है सबसे बुरा दौर
बीते दो साल के भीतर बस्तर में पर्यटन उद्योग ने सबसे बुरा दौर देखा है। कोरोना की वजह से विदेशी सैलानियों के साथ ही देसी पर्यटकों का यहां आना बंद हो चुका था। होटल और टूरिंग बिजनेस ने यह मुश्किल दौर अब पूरा कर लिया है लेकिन सरकार से जिस तरह का सहयोग बस्तर के पर्यटन उद्योग को मिलना चाहिए वैसा सहयोग मिल नहीं पा रहा है। पर्यटन मंडल भी बस्तर को लेकर किसी विशेष कार्य योजना पर काम नहीं कर रहा है। ऐसे में पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों में निराशा है। उनका कहना है कि बस्तर के टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास होने चाहिए।
यू ट्यूब और सोशल मीडिया का उपयोग जरूरी
यू ट्यूब और सोशल मीडिया आज हर किसी की पहुंच में है। इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग पर्यटन को बढ़ावा देनेे में होना चाहिए हम अपने स्तर पर अनएक्सप्लोर्ड बस्तर के माध्यम से काम कर रहे हैं लेकिन सरकार को भी इसमें पहल करनी चाहिए। बस्तर दशहरा का यू ट्यूब पर लाइव प्रसारण बंद हो जाना सही नहीं है। इससे बस्तर के पर्यटन को ही बढ़ावा मिल रहा था। कोरोना काल में यह एक विकल्प था लेकिन अब इसे दूसरे तरीके से उपयोग करने की जरूरत है। पर्यटन मंडल को इस पर विचार करना चाहिए।
जीत सिंह आर्य, फाउंडर अनएक्सप्लोर्ड बस्तर
Published on:
25 Sept 2022 07:24 pm
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