CG Jagdalpur News : छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा का गठन कर हड़ताल का बिगुल फूँक दिया है।
CG Jagdalpur News : छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन,छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी महासंघ,मंत्रालय कर्मचारी संघ,संचालनालय कर्मचारी संघ एवं समस्त कर्मचारी एवं शिक्षक संगठन/एसोसिएशन ने कर्मचारी हित में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा का गठन कर हड़ताल का बिगुल फूँक दिया है।
CG Jagdalpur News : मंत्रालय (महानदी भवन) एवं संचालनालय ( इंद्रावती भवन) में आयोजित हुए मैराथन बैठक में रायशुमारी के बाद सभी संगठन प्रमुखों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय बहुमत से लिया है। (cg news today) छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी और आरडी तिवारी प्रांतीय महामंत्री ने बताया कि सातवें वेतन पर गृहभाड़ा भत्ता, केंद्र के समान देय तिथि से महँगाई भत्ता, पिंगुआ कमेटी का रिपोर्ट सार्वजनिक करने, (jagdalpur news) जन घोषणा पत्र अनुसार चार स्तरीय वेतनमान सहित अनियमित, दैनिक वेतन भोगी, अन्य कर्मचारियों का नियमितीकरण की मांग है।
CG Jagdalpur News : इसके अलावा राज्य में लागू किये गए पुरानी पेंशन योजना में पेंशन पात्रता, (chhattisgarh news) निर्धारण के लिए शिक्षक (एल बी) अन्य संवर्गों की अहर्तादायी सेवा की गणना प्रथम नियुक्ति तिथी किए जाने जैसे मुददों पर राज्य शासन द्वारा अब तक समाधानकारक निर्णय नहीं लिये जाने के विरुद्ध 7 जुलाई को प्रदेश के सरकारी दफ्तर बंद करने का निर्णय लिया है।
छत्तीसगढ़ शासन ने कर्मचारियों/अधिकारियों के प्रथमदृष्टया वास्तविक सेवालाभ को देने के मुद्दे को भी कमेटी अथवा समिति के हवाले किया लेकिन कोई समाधान नहीं निकला! कर्मचारियों को सिर्फ आश्वासन मिलता रहा है अथवा दमनकारी कार्यवाही का सामना करना पड़ा है। (cg news today) एक ही राज्य में कार्यरत केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों/ अधिकारियों को गृहभाड़ा भत्ता स्वीकृति के मामले में दोहरा मापदंड है। (cg hindi news) इसी दोहरा मापदंड के करण आर्थिक नुकसान हुआ है। इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ शासन मौन है।
कर्मचारियों के हितों की उपेक्षा कर रहे हैं
अनियमित/दैनिक वेतनभोगी/ आंगनबाड़ी/ कोटवार/ अन्य कर्मचारियों के नियमितीकरण को संयुक्त मोर्चा ने हड़ताल के माँग में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी-अधिकारी केन्द्र/राज्य के विकास रथ के ध्वजवाहक हैं। (cg news in hindi) कर्मचारियों ने कर्तव्य पथ पर बलिदान तक दिया है। अनुकंपा नियुक्ति के मामले में किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं रहना चाहिए। कर्मचारियों एवं उसके परिवार का उपेक्षा कर रहे हैं।