- बड़ेमोरठपाल की तुलावती दुकान में काम करती थी, अब खुद का दुकान कर रही संचालित- राष्ट्रीय ग्रामीण आर्थिक परिवर्तन परियोजना से आत्मनिर्भर बनाने निभा रही अहम रोल
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जगदलपुर. शासन की योजनाएं गरीब तबके के लोगों के लिए बेहतर जीवन जीने का आधार बन रहीं है। राष्ट्रीय ग्रामीण आर्थिक परिवर्तन परियोजना योजना से जुडऩे के बाद इनके परिवार की महिला तुलावती आत्मनिर्भर बनकर पति के साथ कंधे से कंधे मिलाकर घर चला रही है। ऐसे में घर चलाने के लिए जहां वह पहले सिर्फ की कमाई आती थी अब तुलावती भी कमा रहीं है। तुलावती कहतीं है कि उनकी कमाई के बाद से परिवार की आमदनी एक रुपए और खर्चा अठन्नी जैसी स्थिति बन गई है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अब बचत भी हो जा रहा है। तुलावती बताती हैं कि अब किराने की दुकान से घर बैठे करीब ८ हजार रुपए तक हो रही है।
कौन हैं तुलावती सेठिया
दरअसल तुलावती सेठिया ग्राम बड़ेमोरठपाल जनपद पंचायत की निवासी है। दसवी तक पढ़ी लिखी तुलावती के तीन बच्चे हैं। इनके परिवार में कुल पांच सदस्य है। तुलावती सेठिया का परिवार गरीबी रेखा के नीचे आता है। इनके पति का नाम ठोल सिंह सेठिया है जो घर की खेती का कार्य करते हैं। 2019 में तुलावती एक किराना दुकान में काम करती थीं। किराना दुकान में दीदी को काम करते हुए 2 साल हो गया था इसके बाद दीदी खुद का किराना दुकान खोलना चाहते थे लेकिन किराना दुकान खोलने के लिए अधिक पूंजी की आवश्यकता थी जो उपलब्ध नहीं हो पा रही थी।
वशासन से मिले पैसे से आत्मनिर्भर हैं तुलावती
खुद की दुकान की चाहत लिए भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी। मेंटर मनीष सोनी और रेणुका दुर्गम राष्ट्रीय ग्रामीण आर्थिक परिवर्तन परियोजना का लाभ उठाने के सत्र 2022 में फॉर्म भरा। ऋण राशि भी स्वीकृत हो गई। खुद की पूंजी भी इक_ा की। तुलावती अब अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाने के साथ दुकान भी बढ़ा रहीं है। तुलावती का कहना है कि इनकी आर्थिक स्थिति में बहुत बदलाव आया और वह बेहतर जिंदगी जी रहीं है।