
यह है बस्तर का रियल लाईफ मोगली, जो 50 की दशक में खेलता था शेरों से, 10 की उम्र में हॉलीवुड में मचा चुका है धूम
बादल देवांगन/जगदलपुर. सन् 1960 का घने जंगलो से घिरा घनघोर अबूझमाड़ का बस्तर पुरे बस्तर में फैला मुरिया जनजाति के लोगो का साम्राज्य, इन घने जंगलो में चेंदरू नाम का 10 वर्षीय बच्चा खतरनाक शेरों के साथ सहज तरीके से खेल रहा था। अठखेलियाँ कर रहा था।
जब पड़ी फिल्म डायरेक्टर की नजर
जब भारत में घने जंगलो का दौरा करने स्वीडन के फिल्म डायरेक्टर अर्ने सुक्सडोफऱ् भारत आए और उनकी नजर १० साल के चेंडरू पर पड़ी, जंगल में शेरों के साथ खेलना उनके साथ शिकार पर जाना, डायरेक्टर को इतनी भा गई कि उनसे रहा नहीं गया और उन्होनें इस बच्चे पर एक फिल्म बनाई जिसका नाम था द जंगल सागा जो आगे जाकर ऑस्कर विनिंग फिल्म बनी जिसका हीरो था बस्तर का चेंडरू। 90 मिनट की मूवी जंगल सागा जब पुरे यूरोपीय देशों के सेल्युलाईड परदे पर चली तो लोग चेंदरू के दीवाने हो गए, चेंदरू रातोंरात हालीवुड स्टार हो गया।
बस्तर का टाइगर बॉय
स्वीडन में चेंदरू ने जब वहां कि आधुनिक जिंदगी देखी तो किसी सपने से कम नहीं था। स्वीडन में चेंदरू कुछ सालों तक डायरेक्टर के घर पर ही रुका रहा। फिर वापिस भारत आ गया, तब के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरूजी ने चेंदरू को मुंबई रुकने की सलाह दी। पर भीड़भाड की जिंदगी से दूर और पिता के बुलावे पर चेंदरू वापिस अपने घर आ गया। सन 2013 में लम्बी बीमारी से जूझते हुए बस्तर का टाइगर बॉय वो गुमनाम हीरो की मौत हो गयी।
Published on:
29 Jul 2019 06:38 pm
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