
jaipur
जयपुर।भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एकल पट्टा प्रकरण में मंगलवार को रिटायर आईएएस जीएस संधू से चार घंटे तक पूछताछ की। आईजी वीके सिंह और आईओ बजरंग सिंह शेखावत ने संधू से करीब 12 सवाल पूछे। खराब स्वास्थ्य का वास्ता और पूछताछ में सहयोग करने का आश्वासन देकर संधू एसीबी मुख्यालय से चले गए। शेखावत ने बताया कि बुधवार दोपहर 12 बजे संधू को पूछताछ के लिए फिर मुख्यालय बुलाया है।
इधर, औंकार मल सैनी और अन्य आरोपित भी एसीबी की गिरफ्त से दूर हैं। सूत्रों के अनुसार संधू ने गणपति कंस्ट्रक्शन के एकल पट्टा प्रकरण से संबंधित हर सवाल के जवाब में बस यही कहा कि नियमानुसार काम किया गया था। संधू से पूछा गया कि जो पट्टा सोसायटी के नाम जारी होना था, फिर उसे गणपति कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर शैलेंद्र गर्ग के नाम कैसे कर दिया? इतना ही नहीं प्रकरण का भंडाफोड़ होने पर फिर लीगल राय सहित तमाम प्रक्रिया पूरी करके दो दिन में पट्टा निरस्त कर दिया, जबकि इस काम में जेडीए करीब एक माह से अधिक समय लेता है।
अफसरों से पहले आए
एसीबी ने पूछताछ के लिए सुबह 11 बजे तलब किया था। वे सुबह साढ़े दस बजे ही मुख्यालय पहुंच गए। उनके पहुंचने के बाद ही एसीबी अधिकारी मुख्यालय आए। इसके बाद ही संधू से पूछताछ हो सकी।
गिरफ्तारी जरूर होगी
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि उनके पास एकल पट्टा प्रकरण में पुख्ता सबूत और दस्तावेज हैं। इससे हर आरोपित जेल जरूर जाएगा। बस देर हो रही है। सबूतों के चलते ही निलंबित आरएएस निष्काम दिवाकर की करीब छह माह तक जमानत नहीं हो सकी, बाद में सुप्रीम कोर्ट से जमानत हुई है। अभी शैलेंद्र गर्ग जेल में है। फिर चाहे जीएस संधू हों या औंकार मल सैनी। सभी ने नियम ताक पर रखकर एकल पट्टा प्रकरण में काम किया था।
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