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PTI भर्ती में फर्जीवाड़ा कर नौकरी लगे 134 शारीरिक शिक्षक बर्खास्त, शिक्षा मंत्री बोले- दोषियों से विभाग करेगा वसूली

कांग्रेस सरकार में हुई पीटीआई भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े से नौकरी हासिल करने वाले 134 शारीरिक शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने ऐसे 248 अभ्यर्थियों की सूची शिक्षा विभाग को भेजी थी।

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madan dilawar

जयपुर। कांग्रेस सरकार में हुई पीटीआई भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े से नौकरी हासिल करने वाले 134 शारीरिक शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने ऐसे 248 अभ्यर्थियों की सूची शिक्षा विभाग को भेजी थी। अभ्यर्थियों को शिक्षा विभाग ने नियुक्ति दे दी थी। बोर्ड की सिफारिश के बाद विभाग ने इनको पद से मुक्त कर दिया है। विभाग दोषियों से वेतन के रूप में दी गई राशि की भी वसूली करेगा।

गुरुवार को शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इसमें दिलावर ने बताया कि 244 में 19 ऐसे अभ्यर्थी थे, जिन्हें नियुक्ति ही नहीं किया गया था। 10 ने जॉइन नहीं किया था। जबकि 33 अभ्यर्थी कोर्ट से स्टे लेकर आ चुके हैं। इनके खिलाफ शिक्षा विभाग कोर्ट में लड़ाई लड़ेगा।

अन्य शिक्षकों के खिलाफ भी जांच शुरू

उन्होंने कहा कि दिलावर ने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा विभाग के अन्य शिक्षकों के खिलाफ भी जांच की जाएगी। इसमें पता किया जाएगा कि उन्होंने भी किसी तरह की फर्जी डिग्री या डिप्लोमा के आधार पर तो नौकरी हासिल नहीं की है। अगर उन्होंने ऐसा किया है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक में शामिल ओम प्रकाश बिश्नोई को भी शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के पांच कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है, जबकि 30 को निलंबित किया गया है। जिनकी आगामी जांच की जा रही है। इसके साथ ही 47 पर नियम अनुसार कार्रवाई जारी है।

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ऐसे किया फर्जीवाड़ा

पीटीआई भर्ती में बोर्ड ने सैकड़ों अभ्यर्थियों की डिग्री फर्जी होने की आशंका जताई है। इसका कारण यह था कि अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय बीपीएड डिग्री होने की जानकारी नहीं दी। लेकिन बाद में दस्तावेज जांच के समय यूपी, चूरू सहित अन्य जगहों की यूनिवर्सिटी से 2019 की डिग्री लेकर लगा दी। पीटीआई भर्ती में एक साथ बड़ी संख्या में आवेदन आने पर फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई थी।

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