
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे। फोटो: पत्रिका
8-lane Delhi-Mumbai Expressway: नया साल राजस्थान की सड़क संरचना को मजबूत करने वाला भी होगा। प्रदेश से निकल रहे दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे का राजस्थान के हिस्से का काम अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। इस समय राजस्थान में दो जगहों पर दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर काम चल रहा है।
राजस्थान के हिस्से का काम पूरा होने के बाद दिल्ली से गोधरा तक एक हजार किलोमीटर की दूरी निर्बाध रूप से पूरी की जा सकेगी। इसके पूरा होने से राजस्थान में औद्योगिक निवेश, पर्यटन और माल परिवहन को नई गति मिलेगी।
दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे पर सवाईमाधोपुर तक ट्रैफिक चल रहा है। सवाईमाधोपुर से कोटा के बीच करीब 27 किलोमीटर के एक पेच का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। कुश्तला से लाखेरी के बीच इस पेच का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस पर करीब 905 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इस काम को फरवरी में पूरा कर वाहन चलाने की योजना एनएचएआइ ने बनाई है। इस पेच का काम पूरा होने के बाद दिल्ली से कोटा का सफर आसान हो जाएगा।
कोटा के आगे टनल का काम चल रहा है। मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बन रही देश की पहली 8-लेन टनल का काम तेज गति से चल रहा है। यह काम अप्रैल तक पूरा करने का टारगेट है। इसके बाद कोटा से गोधरा के बीच एक्सप्रेस वे के माध्यम से आ जा सकेंगे। मुकुन्दरा टाइगर रिजर्व की करीब 600 फीट ऊंची पहाड़ी के नीचे इस टनल का निर्माण एक बड़ी तकनीकी चुनौती रहा है। टनल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ऊपर वन्यजीवों की आवाजाही बाधित न हो।
दिल्ली में कालिंदी कुंज से दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे को जोड़ा जा रहा है। इसके बाद दिल्ली-मुम्बई के बीच इस आठ लेन एक्सप्रेस वे की लंबाई करीब 1400 किमी हो जाएगी।
राजस्थान में इस एक्सप्रेस वे की लंबाई करीब 373 किमी है। बड़े शहरों से जोडने के लिए लिंक एक्सप्रेस वे भी बनाए जा रहे हैं। जयपुर से यह एक्सप्रेस वे जोड़ा जा चुका है। निर्माण पूरा होने पर बारह घंटे में सफर पूरा किया जा सकेगा।
Updated on:
01 Jan 2026 09:12 am
Published on:
01 Jan 2026 09:08 am
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