
पिट लाइन का निर्माण व वंदे भारत ट्रेन। फोटो: पत्रिका
कोटा। कोटा को नए साल में 20 करोड़ की आधुनिक पिट लाइन की सौगात मिलेगी। 620 मीटर लंबी इस पिट लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद यहां वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों की मेंटेनेंस हो सकेगी। पिट लाइन पर एक साथ 24 कोच खड़े हो सकेंगे। यही नहीं, पिट लाइन पर लगातार 3 शिफ्टों में 24 घंटे ट्रेनों की मेंटेनेंस का काम किया जा सकेगा। इसके चलते कोटा से नई ट्रेनें शुरू करने की आखिरी बाधा भी मार्च में दूर हो जाएगी।
दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर कोटा जंक्शन काफी महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। चारों दिशाओं में ट्रेनों का संचालन होने से काफी व्यस्त रेलवे स्टेशन है। ऐेसे में यहां नई ट्रेनों का संचालन करना और ट्रेनों का ठहराव करने को लेकर रेलवे को काफी कठिनाई होती है।
कोटा में कवच 4.0 के तहत 180 किमी प्रतिघंटे का सेमी हाई स्पीड रेलवे ट्रैक तैयार किया गया है। जिस पर 180 किमी प्रतिघंटे से ट्रेनों के संचालन के लिए सीसीआरएस की स्वीकृति भी मिल चुकी है। अब ट्रेक पर ट्रेनों की गति बढ़ाई जा सकेगी। ऐसे में यहां अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन भी किया जा सकेगा। कोटा से नई ट्रेनें शुरू करने के लिए पिट लाइन की काफी जरूरत थी। अब कोटा में इसका निर्माण शुरू किया गया।
कोटा यार्ड में पिट लाइन का काम 6 दिसम्बर 2025 को शुरू किया गया है। पिट लाइन का निर्माण वंदे भारत ट्रेन की मेंटेनेंस की जरूरत को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। यहां एक साथ 24 कोच खड़े हो सकेंगे। पिट लाइन का करीब 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पिट लाइन के निर्माण के लिए 31 मार्च 2026 का लक्ष्य लेकर काम किया जा रहा है। नई पिट लाइन के बाद 4 से 5 नई ट्रेनों के कोटा से संचालन और मेंटेनेंस की व्यवस्था हो सकेगी। न्यू कोटा रेलवे स्टेशन पर अधिक ट्रेनों का ठहराव हो सकेगा।
वर्तमान में कोटा में एक पुरानी पिट लाइन है। इस पर महज 14 कोच खड़े हो सकते हैं। इस पिट लाइन पर 24 घंटे में केवल एक ही शिफ्ट में काम हो पाता है। ऐसे में नई आधुनिक और बड़ी पिट लाइन की जरूरत महसूस की जा रही थी। यहां ट्रेन की मरम्मत के साथ ऑयल, ग्रीसिंग व धुलाई का काम भी किया जा सकेगा। तीन शिफ्टों में काम होने से एक दिन में यहां कई ट्रेनों की मैंटेनेंस हो पाएगी।
कोटा जंक्शन के यार्ड में फिलहाल 12 लाइनें हैं। ऐसे में यहां एक साथ 12 ट्रेनों को खड़ा किया जा सकता है, लेकिन ट्रेनों की मेंटेनेंस के लिए पिट लाइन नहीं थी।
नई पिट लाइन के निर्माण से कोटा में ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता बढ़ेगी। वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों की कोटा में मरम्मत की जा सकेगी।
-अनिल कालरा, डीआरएम, कोटा
Published on:
01 Jan 2026 08:29 am
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