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150 रुपए में की ढाबे पर नौकरी, अब 1.5 करोड़ की कार के लिए 16 लाख का नम्बर

आरजे 45 सीजी 001 राजस्थान का सबसे महंगा वीआईपी नंबर हुआ

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जयपुर . यह खबर आपको चौंकाने वाली है। सुनकर हैरानी होगी। जिस व्यक्ति ने 15 साल पहले ढाबे पर डेढ़ सौ रुपए की नौकरी की, मंगलवार को उसी व्यक्ति ने अपनी डेढ़ करोड़ की लग्जरी कार के लिए 16 लाख का आरजे 45 सीजी 001 नंबर खरीदा। स्वेज फॉर्म में रहने वाले राहुल तनेजा ने इससे पहले भी 2011 में अपनी बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज के लिए 10 लाख का वीआईपी 0001 खरीदा था। परिवहन अधिकारियों के मुताबिक अभी तक देश का सबसे महंगा नंबर है। इससे पहले 11 लाख रुपए तक के नंबर बिके हुए हैं।
राहुल की अभी एक इवेंट मैंनेजमेेंट कंपनी है। मध्यप्रदेश के कटला के रहने वाले राहुल के पिता टायर पंचर लगाने का काम करते थे। जिन्दगी में कुछ कर गुजरने के लिए छोटी उम्र में घर छोड़कर जयपुर आ गए। जहां आदर्शनगर में एक ढाबे पर 150 रुपए में नौकरी की। नौकरी करते हुए राहुल ने राजापार्क स्थित आदर्श विद्या मंदिर में पढ़ाई भी की। दोस्तों की किताब, कॉपी और पासबुक्स मांगकर पढ़ाई की और ९२ प्रतिशत अंक हासिल किए। राहुल के अनुसार दो साल तक ढाबे पर नौकरी के बाद दीवाली पर पटाखे और होली पर रंग तो मकरसंक्रान्ति पर पतंगें बेचने का काम किया। रोजी-रोटी के लिए घर-घर तक अखबार पहुंचाया और फिर रात को ऑटो चलाया।

दोस्तों के कहने पर मॉडलिंग शुरू की
दोस्तों के कहने पर मॉडलिंग का चस्का लग गया और एक फैशन शो में भाग ले लिया। वर्ष 1998 में जयपुर क्लब के एक फैशन शो में भाग लिया और वे चुन लिए गए। इस दौरान 8 महीने तक फैशन शो किए। इसके बाद उन्होंने बैक स्टेज आने का निर्णय लिया। इसका मतलब उन्होंने इवेंट कराने का काम शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने इवेंट मैनेजमेंट कंपनी खोल ली। फिर उन्होंंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और सफलता हासिल की।

नम्बर 1 की ऐसी चाहत
तनेज को नम्बर एक की इतनी चाहत है कि वे इस नम्बर से जुड़ा हर काम करना चाहते हैं। इसके लिए पहले भी एक गाड़ी के लिए एक नम्बर हासिल कर चुके हैं। दस अंकोंं के मोबाइल में 1 नम्बर सात बार हैं। चारों कार के नम्बर भी एक ही डिजिट में है।

—देश में सबसे महंगा नम्बर खरीदा है। इससे पहले चंडीगढ़ में 11.83 लाख में रुपए नम्बर बिकाथा। डेढ़ सौ रुपए में ढाबे में नौकरी, फुटपाथ पर जैकेट बेची, अखबार बांटे, आॅटो चलाकर पेट भरा। इसलिए गरीब क्या होती है पता है। नम्बर एक पर बने रहने की चाहत के चलते ही यह नम्बर खरीदा है। —राहुल तनेजा, वीआईपी नम्बर खरीदने वाले

—नीलामी प्रक्रिया में सबसे महंगा नम्बर 16 लाख एक हजार में बिका है। इससे पहले ग्यारह लाख रुपए तक में ही नम्बर बिक चुका है। यही कारण है यह नीलामी प्रक्रिया चर्चा का केन्द्र बनी हुई है। —अनिल सेनी, डीटीओ

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