देश में भले ही ई-गवर्नेंस और मेक इन इंडिया की बातें हो रही हो लेकिन सरकारों की कार्यशैली आज भी नहीं बदली है। इस कार्यशैली का खामियाजा अब लोगों की सेहत बिगाड़ सकता है। स्वाइन फ्लू आने पर बेकाबू हालातों में प्राइवेट लैब संचालक और किट सप्लायर्स हाथ खड़े कर सकते हैं। पिछले सीजन की जांचों और किट के पैसों का भुगतान नहीं होने पर यह चेतावनी दी जा रही है।