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राजस्थान की पहली महिला कैब ड्राइवर मधु पंवार, उठा रही पूरे परिवार की जिम्मेदारी

मधु पंवार जयपुर की एकमात्र महिला कैब ड्राइवर हैं। उनका कहना है कि कैब ड्राइवर बन वो बहुत खुश हैं, उन्हें खुद पर गर्व होता है जब कोई ग्राहक उनके काम की सराहना करता है। खासतौर पर महिला ग्राहक खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं

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जयपुर

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Deepshikha

Feb 10, 2020

madhu Panwar

जयपुर. सुबह तीन—चार बजे जब भी नींद खुल जाती है, मधु कैब लेकर निकल पड़ती है। दोपहर ग्यारह बजे तक कैब चलाना, फिर ग्यारह बजे से सात बजे एक जौहरी के घर नौकरी करना और फिर शाम वापस कैब चलाना। पूरे दिन भाग दौड़ के बावजूद चेहरे पर थकान नहीं सुकून नजर आता है। मधु पंवार जयपुर की एकमात्र महिला कैब ड्राइवर हैं। उनका कहना है कि कैब ड्राइवर बन वो बहुत खुश हैं, उन्हें खुद पर गर्व होता है जब कोई ग्राहक उनके काम की सराहना करता है। खासतौर पर महिला ग्राहक खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं। छोटी उम्र में ही सर से पिता का साया उठ गया, रहने को घर भी नहीं था। तब मधु विधवा मां और छोटी बहन का सहारा बनी।


पढ़ाई छोड़ संभाली जिम्मेदारी

झालाना डूंगरी निवासी 25 वर्षीय मधु दसवीं तक पढ़ी हैं। इसके बाद वो झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित अपनी मां मनभर देवी के साथ उनकी चाय की थड़ी पर काम करने लगी। वो ऑफिस में चाय और नाश्ता देने जाने लगी। फिर एक दिन उनके एक जानकार ने मधु को कार चलाना सीखने के लिए कहा। इस पर मधु ने कहा कि वो कार चलाकर क्या करेंगी। लेकिन मां मनभर देवी के जोर देने पर उन्होंने आजाद फाउंडेशन एनजीओ से कार चलाना सीखा।

मधु को ड्राइविंग पसंद आने लगी और उन्होंने एक महिला के घर बतौर ड्राइवर नौकरी की। इसके बाद फिर 2017 में उन्होंने कैब चालक का काम शुरु कर दिया। वो एक कैब कंपनी में फुल टाइम काम करके करीब पंद्रह हजार रुपए महीने कमाने लगी। फिलहाल मधु कैब चलाने के साथ साथ ड्राइवर की नौकरी भी कर रही हैं, ताकि ज्यादा कमा सकें।

बेटे की तरह संभाल रही परिवार

मधु की मां मनभर देवी ने बताया कि मधु उनकी बेटी नहीं, बेटा है। उसने पूरे परिवार की जिम्मेदारी उठा रखी है। चाय की थड़ी चलाकर परिवार का मुश्किल से गुजारा हो रहा था। लेकिन मधु ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली। अपनी पढ़ाई छोड़ वो काम करने लगी। आज वो अपनी छोटी बहन सोनू पंवार को उच्च शिक्षा दिला रही है, ताकि वो भी अपने पैरों पर खड़ी हो सके। मधु महीने में बीस से पच्चीस हजार रुपए तक कमाती हैं।

सरकार गरीब लड़कियों को दे प्रोत्साहन

मधु काम के साथ साथ पुलिस में ड्राइवर की नौकरी के लिए भी तैयारी कर रही है। उसका कहना है कि सरकार को गरीब लड़कियों को प्रोत्साहन देना चाहिए। जो लड़किया कैब चलाना चाहती है, सरकार उन्हें कम ब्याज दर कार खरीदने के लिए लोन उपलब्ध करवाए, ताकि लड़कियां आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।