
Sachin-Pilot-or-sant-rajgiri-photo
Sachin Pilot News: राजस्थान की सियासत में नेताओं के प्रति दीवानगी अक्सर देखने को मिलती है, लेकिन करौली के एक संत ने जो रास्ता चुना है, उसने सबको हैरान कर दिया है। करौली के पांचना आश्रम से ताल्लुक रखने वाले संत राजगिरी इन दिनों भीषण गर्मी के बीच तपती सड़क पर 'कनक दंडवत' करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उनका लक्ष्य कोई निजी स्वार्थ नहीं, बल्कि सचिन पायलट को वर्ष 2028 में राजस्थान के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना है।
हैरानी की बात यह है कि संत राजगिरी का पायलट से कभी कोई निजी परिचय नहीं रहा है। वे न तो कभी उनसे मिले हैं और न ही किसी राजनीतिक दल से उनका सक्रिय वास्ता है। संत का कहना है कि यह उनका 'हठयोग' है। वे पायलट को एक ऐसा जननेता मानते हैं, जो हमेशा जनता के सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे सचिन पायलट से तभी मुलाकात करेंगे, जब वे मुख्यमंत्री की शपथ ले लेंगे।
यह संत राजगिरी की तीसरी बड़ी यात्रा है। इससे पहले वे गंगोत्री और जगन्नाथ पुरी तक की हजारों किलोमीटर की यात्रा दंडवत करते हुए पूरी कर चुके हैं। अब वे करौली से द्वारकाधीश तक की 600 किलोमीटर की यात्रा पर हैं। वर्तमान में वे पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक से गुजर रहे हैं। प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर का सफर सड़क पर लेटकर (दंडवत) पूरा करते हुए उनके चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि अपनी मन्नत पूरी होने का अटूट विश्वास झलकता है।
जब उनसे पूछा गया कि एक संत का राजनीति से क्या लेना-देना? तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्थान के करोड़ों लोगों की भावनाएं पायलट से जुड़ी हैं और वे एक माध्यम बनकर इस कामना को भगवान द्वारकाधीश के चरणों तक ले जा रहे हैं। राजस्थान की झुलसाती गर्मी में भी उनका यह सफर जारी है, जिसे देखने के लिए हाईवे पर लोगों का हुजूम उमड़ रहा है।
Published on:
18 Mar 2026 08:59 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
