
जयपुर। राजधानी में आए दिन कई अपराध होते रहते है जो पुलिस और प्रशासन की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाने के साथ ही आमजन में खत्म होती जागरुकता पर भी सवाल खड़े करते है। लेकिन हाल ही में जयपुर के मालवीय नगर की घटना को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि लोगों में इंसानियत अभी भी बाकी है। बच्चों को अकेला देखकर जहां उनके अपहरण और दुष्कर्म की सूचनाएं पुलिस को मिलती रहती है वहीं इन सभी बातों के उल्टा एक राहगीर ने सड़क पर बच्चों को रोता देखकर पुलिस को इसकी सूचना दी और बच्चों को उनके माता-पिता से मिलवाया। आपको बता दें कि मालवीय नगर में गौरव टावर के पास निर्माणाधीन भवन में कार्यरत एक मजदूर के तीन बच्चे कल शाम को लापता हो गए। बच्चों के लापता होने की सूचना पर जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की तो देर रात बच्चे अक्षयपात्र मंदिर के पास सड़क पर रोते मिले। पुलिस बच्चों को लेकर थाने पहुंची और परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार गौरव टावर के पास निर्माणाधीन भवन में श्याम मजदूरी करता है। सुबह वह काम पर पत्नी के साथ चला गया। शाम को वापस लौटा तो उसके तीन बच्चे लापता मिले। आस-पास तलाशने के बाद देर रात करीब ग्यारह बजे परिजनों ने बच्चों के लापता होने की सूचना पुलिस को दी। इससे पुलिस में खलबली मच गई। पुलिस ने सभी थानों को सूचना देकर बच्चों की तलाश करवाई तो रात करीब एक बजे बच्चे अक्षयपात्र मंदिर के पास सड़क पर रोते मिले। बच्चों के मिलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। डीसीपी ईस्ट कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि रात को तीन बच्चों के लापता होने की सूचना मिली थी इस पर उनकी तलाश शुरू की गई। बच्चों की उम्र दस, छह और चार साल है। लापता बच्चों में दो बालिकाएं शामिल थी। जिनमें से एक बालिका मंदबुद्धि है। बच्चों के लापता होने के कारणों में सामने आया है कि बच्चे खेलते-खेलते दूर निकल गए और रास्ता भटक गए। बच्चों को अक्षयपात्र मंदिर के पास रोता देखकर एक राहगीर ने पुलिस को सूचना दी थी। जिसके आधार पर पुलिस ने बच्चों को ढूंढ निकाला। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि वे खेलने के दौरान रास्ता भटक गए और यहां पर पहुंच गए।
Published on:
04 Apr 2018 12:14 pm
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