पुलिस के अनुसार गौरव टावर के पास निर्माणाधीन भवन में श्याम मजदूरी करता है। सुबह वह काम पर पत्नी के साथ चला गया। शाम को वापस लौटा तो उसके तीन बच्चे लापता मिले। आस-पास तलाशने के बाद देर रात करीब ग्यारह बजे परिजनों ने बच्चों के लापता होने की सूचना पुलिस को दी। इससे पुलिस में खलबली मच गई। पुलिस ने सभी थानों को सूचना देकर बच्चों की तलाश करवाई तो रात करीब एक बजे बच्चे अक्षयपात्र मंदिर के पास सड़क पर रोते मिले। बच्चों के मिलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। डीसीपी ईस्ट कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि रात को तीन बच्चों के लापता होने की सूचना मिली थी इस पर उनकी तलाश शुरू की गई। बच्चों की उम्र दस, छह और चार साल है। लापता बच्चों में दो बालिकाएं शामिल थी। जिनमें से एक बालिका मंदबुद्धि है। बच्चों के लापता होने के कारणों में सामने आया है कि बच्चे खेलते-खेलते दूर निकल गए और रास्ता भटक गए। बच्चों को अक्षयपात्र मंदिर के पास रोता देखकर एक राहगीर ने पुलिस को सूचना दी थी। जिसके आधार पर पुलिस ने बच्चों को ढूंढ निकाला। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि वे खेलने के दौरान रास्ता भटक गए और यहां पर पहुंच गए।