रिक्त एनआरआई सीट को आरक्षित वर्ग से भरने का विरोध, काउंसलिंग बोर्ड के निर्णय को बताया मनमाना
विकास जैन
जयपुर। एमबीबीएस प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली नीट परीक्षा में एनआरआई कोटे की रिक्त सीटों पर पर पहली बार आरक्षण रख जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, नीट काउंसलिंग में एनआरआई की 312 सीटें इस बार रिक्त रह गई। अभी तक इस तरह रिक्त रहने वाली सीटें सामान्य श्रेणी के तहत प्रतिशत के आधार पर आवंटित की जाती थी। लेकिन इस बार काउंसलिंग बोर्ड ने रिक्त सीटों पर भी आरक्षण लागू कर दिया। बोर्ड के इस निर्णय के विरोध में मेडिकल छात्रों ने नीट यूजी मेडिकल एंड डेंटल एडमिशन काउंसलिंग बोर्ड को पत्र लिखकर एनआरआई कोटे की रिक्त सीटों को आरक्षित वर्ग से भरने का विरोध किया है।
छात्र संपत बाडरा, राजेश शुक्ला, अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि पहले रिक्त सीटों को सामान्य कोटे से भरा जाता था। इसमें कोई भी छात्र आवेदन कर सकता था। लेकिन अब आरक्षित कोटे से भरने के प्रावधान लागू होने से सामान्य वर्ग के छात्र आवेदन नहीं कर सकेंगे।
आरक्षण के तहत पहले ही मिल चुकी सीटें
इन अभ्यर्थियों का कहना है कि बोर्ड का यह मनमाना निर्णय है। पहले ही कम अंक वालों को आरक्षण से बेहतर सीटें मिल चुकी हैं। ऐसे में एनआरआई श्रेणी की सीटों को भी आरक्षण में बदला जाना हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ है। उधर, काउंसलिंग बोर्ड का कहना है कि इस बार एनआरआई श्रेणी की काफी सीटें रिक्त रहने से आरक्षण की मेट्रिक्स प्रभावित होने के कारण रिक्त रही सीटों को आरक्षण में शामिल किया गया है। जो कि उनके साथ अन्याय है।