शिक्षा विभाग की अनूठी पहल, सुरक्षित स्कूल सुरक्षित राजस्थान अभियान अगले महीने से निजी स्कूलों में भी चलेगा अभियान
जयपुर। बच्चों में ‘गुड टच-बैड टच‘ की समझ विकसित कर उनके प्रति यौन दुर्व्यवहार की घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर शिक्षा विभाग ने अनूठी पहल शुरू की है। नो बैग नो डे के मौके पर शनिवार को राज्य के 66 हजार स्कूलों के 60 लाख बच्चों को असुरक्षित स्पर्श की समझ विकसित की गई। स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रातः 8 बजे से 12 बजे तक ‘गुड टच बैड टच‘ के बारे में प्रशिक्षित किया। अगले महीने से निजी स्कूलों में भी इस अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विभाग के अभियान की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि जब आगामी 6 माह में दो बार इसका रिपीटिशन होगा तो इससे समाज में चाइल्ड एब्यूज के प्रकरणों को कम करने में मदद मिलेगी।
1200 अधिकारियों और कार्मिकों को दी ट्रेनिंग
स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने बताया कि प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और उच्च माध्यमिक सरकारी विद्यालयों के साथ ही सभी महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय और स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए इन विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि गत दिनों प्रदेश स्तर पर 1200 अधिकारियों और कार्मिकों को ‘गुड टच-बैड टच‘ के बारे में विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। इन मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से सभी 50 जिलों के सरकारी स्कूलों से चयनित एक-एक शिक्षक को जिला स्तरीय कार्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया गया है।