
Mandi closed: शुक्रवार को बंद रहेंगी देशभर की 7000 मंडियां
जयपुर। दालों पर स्टॉक लिमिट लगाने के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के आह्वान पर 16 जुलाई को भारत की सभी मंडियां/कृषि बाजार एवं दाल मीलें अपना व्यापार बंद रखकर विरोध दर्ज करेगी। भारत सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर दाल (मंूग को छोड़कर) के थोक व्यापारी, रिटेल व्यापारी, आयातक/मिलर के लिए स्टॉक सीमा प्रभावी की गई है। थोक विक्रेता के लिये स्टॉक सीमा 200 मीट्रिक टन (जिसमें एक किस्म की मात्रा 100 मीट्रिक टन) लागू करते हुए प्रभावी की गई है। खुदरा विकेता के लिए सीमा 5 मीट्रिक टन रखी गई है। मिलर के लिए स्टॉक सीमा विगत 3 माह के उत्पादन अथवा वार्षिक संस्थापित क्षमता का 25 प्रतिशत इनमें से जो अधिक होगी। आयातक के लिए स्टॉक सीमा 200 मीट्रिक टन ही रखी है। 30 दिन में व्यापारी को अपना स्टॉक सीमा में लाना होगा। यह आदेश 31-अक्टूबर तक के लिए प्रभावी रहेगा। भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल की बुधवार को हुई बैठक में 17 प्रांतों के सदस्य शामिल हुए। राजस्थान का नेतृत्व बाबूलाल गुप्ता ने किया।
भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के सभी सदस्यों ने एकमत से निर्णय लिया कि यह अध्यादेश व्यापारी विरोधी है, किसान विरोधी है, उद्योग विरोधी है और उपभोक्ता विरोधी है। इसका विरोध सांकेतिक रूप से एक दिन का बंद रखकर किया जाएगा। 16 जुलाई शुक्रवार को देश की सभी 7000 मंडियां तथा 12,000 दाल मीलें अपना व्यापार बंद रखकर विरोध दर्ज करेगी। भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के चेयरमेन बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि सभी प्रांतों के मण्डियों के अध्यक्ष/मंत्रियों को सूचना दे दी गई है और सभी ने अपने स्तर पर व्यापार बंद करने के निर्णय कर लिए हैं। सभी मण्डियों में धरने-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे तथा केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल के नाम ज्ञापन प्रेषित किए जाएंगे।
6 और 7 जुलाई को भी बंद रही थी राज्य की 247 मंडिया
डेली न्यूज, जयपुर। दालों पर स्टॉक लिमिट लगाने के विरोध में बुधवार को लगातार दूसरे दिन प्रदेश की सभी 247 कृषि उपज मंडियां और 600 से अधिक दाल मिलें बंद रही। राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि दो दिन चली इस हड़ताल से करीब 3400 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। इससे व्यापारियों को करीब 68 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, साथ ही सरकार को भी राजस्व का करीब 120 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बुधवार को भी राज्य की सभी मंडियों में धरने-प्रदर्शन किए गए। गुरुवार से मंडियां और दाल मिलें फिर खुलेंगी। गुप्ता ने बताया कि केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री को ई-मेल भेजकर समय मांगा गया है, लेकिन अभी तक उनके कार्यालय से समय प्राप्त नहीं हुआ है। इस वार्ता के बाद ही आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श होगा।
Published on:
15 Jul 2021 09:19 am
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