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Survey || 75 फीसदी लोग धो रहे हाथ

75 फीसदी लोग धो रहे हाथ78.5 फीसदी भारतीय नहीं कर रहे सैनेटाइजर का इस्तेमाल75.5 फीसदी लोगों को मास्क पहनने में भरोसा नहीं88 फीसदी लोग सोशल डिस्टेंस के खिलाफसर्वे में हुए खुलासा

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Mar 24, 2020

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बार बार हाथ धोना कोरोना वायरस से सुरक्षा के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक साबित हुआ है। आईएएनएस.सी वोटर.गैलप इंटरनेशनल एसोसिएशन कोविड.19 के सर्वे में दुनिया भर से हिस्सा लेने वाले 75 फीसदी लोगों ने कहा है कि इस घातक वायरस से बचाव करने के लिए उन्होंने हैंडवाशिंग को अपनाया है। 22 देशों में 20000 लोगों पर किए गए सर्वे में सामने आया है कि ऑस्ट्रियाई लोगों ने हैंडवाशिंग को सबसे ज्यादा अपनाया है। वहां 91 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्होंने कोविड.19 वायरस से सुरक्षा के लिए बार.बार हाथ धोए हैं।
ऑस्ट्रिया के बाद बुल्गारिया का स्थान रहा, जहां 89 फीसदी उत्तरदाताओं ने कहा कि वे हैंडवाशिंग का इस्तेमाल करते हैं। भारत इस मामले में तीसरे नंबर पर रहा। यहां 72 फीसदी लोगों ने कहा कि वे घातक वायरस से सुरक्षा के लिए हैंडवाशिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि पाकिस्तान में ऐसे लोगों का प्रतिशत 59 है, जिन्होंने हैंडवाशिंग को नहीं अपनाया है। पाकिस्तान की तरह तुर्की में 57 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने कोरोनावायरस के संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा के लिए हैंडवाशिंग को नहीं अपनाया है।
78.8 फीसदी भारतीय नहीं कर रहे सैनेटाइजर का इस्तेमाल
पूरे विश्व में कोरोना वायरस को लेकर भय का माहौल है, अधिकांश भारतीय कोरोनो वायरस की गंभीरता को देखते हुए हाथों की साफ सफाई पर ध्यान दे तो रहे हैं लेकिन 75.5 फीसदी लोगों को मास्क पहनने में भरोसा नहीं। 78.5 प्रतिशत भारतीय हैंड सैनेटाइजर का उयोग नहीं कर रहे हैं। जिससे हालात और भी बदतर हो सकते हैं।
सर्वे के मुताबिक 75.5 प्रतिशत भारतीय मेडिकल मास्क का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, जबकि 24.5 प्रतिशत को लगता है कि इससे मदद मिलती है। 92.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वह हाथ के दस्ताने का उपयोग करने के बारे में आश्वस्त नहीं हैं। दस्ताने के इस्तेमाल महज 7.3 फीसदी लोगों ने किया है।
सिर्फ 21 फीसदी लोगों ने कहा कि वे सैनेटाइटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि , बुनियादी स्वच्छता के लिए की गई अपीलों में हैंडवाश का लोगों ने ज्यादा समर्थन किया है। 71.5 फीसदी ने कहा कि वे इसका पालन कर रहे हैं, लेकिन 28.5 प्रतिशत लोगों ने कहा, वे एेसा नहीं कर रहे हैं।
सोशल डिस्टेंस में नहीं लोगों का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई अपील के बाद पूरे देश में रविवार का जनता कफ्र्यू भले ही हिट रहा हो, लेकिन 72.8 प्रतिशत लोगों ने अभी भी माना है कि सेल्फ आइसोलेशन या सोशल डिस्टेंस बनाना कोई वैध विचार नहीं है। गंभीर बात तो यह है कि 88 प्रतिशत लोग इसके खिलाफ हैं, लेकिन फिर भी, अधिकांश सहमत थे कि उन्होंने एहतियाती कदम उठाए हैं। यह जब पूछा गया कि इस महामारी का जिम्मेदार कौन है। जवाब में 75.1 प्रतिशत ने चीन को दोषी ठहराया। इस सर्वेक्षण को 17 मार्च और 18 मार्च को किया गया था, जिसमें 1421 लोगों ने भाग लिया था।
अब तक सामने आए ४९२ मामले
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक करीब ४९२ मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार तक के आंकड़ों में यह संख्या सामने आई है। मंगलवार सुबह तक के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक देश में कोविड.19 के कुल मामले 492 हो गए हैं जिनमें से 446 लोगों का अभी इलाज चल रहा है। इन आंकड़ों में कम से कम 41 विदेशी नागरिक शामिल हैं और अब तक नौ मौत हो चुकी है। देश में 22 नए मामले सामने आने के बाद कोविड.19 से अब भी संक्रमित लोगों की संख्या 446 है। पिछले कुछ दिनों में संक्रमण के मामले अचानक बढऩे के बाद अधिकारियों ने लगभग पूरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया है जिसके तहत लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध हैं और सड़कए रेल एवं हवाई यातायात पर 31 मार्च तक रोक लगा दी गई है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अब तक कोविड.19 के सबसे ज्यादा 95 मामले केरल से सामने आए हैं जिनमें आठ विदेशी नागरिक शामिल हैं। इसके बाद महाराष्ट्र से तीन विदेशी नागरिकों समेत 101 मामले सामने आए हैं।