
जयपुर। चिरंजीवी योजना के लिए ऑनलाइन 850 रुपए कटने के बावजूद रजिस्ट्रेशन नहीं होने के मामले में शहर के जिला उपभोक्ता आयोग ने योजना से जुड़ी एजेंसियों पर 36 हजार रुपए हर्जाना लगाया। इसमें से 15 हजार रुपए मानसिक संताप और 21 हजार रुपए परिवाद व्यय के दिलाए। साथ ही, कहा कि एक माह में हर्जाना राशि नहीं दी तो 9 प्रतिशत ब्याज देना होगा।
जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर-2 के अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीना व सदस्य हेमलता अग्रवाल ने सोनीका राघव के परिवाद पर यह आदेश दिया। अधिवक्ता ओमेंद्र सिंह राघव ने बताया कि परिवादिया ने 2021 में चिरंजीवी योजना के लिए ऑनलाइन 850 रुपए ट्रांसफर किए, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ।
पुन: ट्रांजेक्शन करने पर रजिस्ट्रेशन हो गया, लेकिन पहली बार ट्रांजेक्शन के समय काटे गए 850 रुपए सात दिन में वापस नहीं मिले। 30 दिन बाद इस बारे में बैंक को शिकायत की गई। इस पर आयोग में परिवाद दायर किया, लेकिन परिवाद लंबित रहते मार्च 2022 में 850 रुपए परिवादिया को लौटा दिए गए।
इस पर राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुय कार्यकारी अधिकारी की ओर से पैसे लौटा दिए जाने का हवाला देकर परिवाद खारिज करने का आग्रह किया गया। आयोग ने इस मामले में संबंधित एजेंसियों को दोषी मानते हुए परिवादिया को मानसिक संताप के 15 हजार रुपए पाने का हकदार माना, वहीं परिवाद पर हुए खर्च के रूप में 21 हजार रुपए भी देने को कहा।
Published on:
10 Sept 2024 04:05 pm
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