
चार दिन काम, तीन दिन आराम को कंपनियों ने बताया फायदेमंद
लंदन. हफ्ते में चार दिन काम करने की दुनिया की सबसे बड़ी पायलट योजना को एक सर्वे में कामयाब बताया गया है। इसमें शामिल ब्रिटेन की ज्यादातर कंपनियों ने कहा कि वे चार दिवसीय कार्य सप्ताह के मॉडल को जारी रखेंगी। ब्रिटेन में पिछले साल जून से दिसंबर के दौरान किए गए परीक्षण में विभिन्न क्षेत्रों की 61 कंपनियों ने हिस्सा लिया था।
गैर-लाभकारी संस्था 'फोर डे वीक ग्लोबल' की ओर से आयोजित पायलट योजना के तहत ब्रिटेन के करीब 3,000 कर्मियों को उसी वेतन में चार दिवसीय कार्य सप्ताह की पेशकश की गई थी, जो उन्हें पांच दिवसीय कार्य सप्ताह के लिए दिया जाता है। बोस्टन कॉलेज से जुड़ीं प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर जूलियट स्कोर का कहना है कि परिणाम अलग-अलग प्रकार के कार्यस्थलों पर काफी हद तक अच्छे रहे। यह नवाचार कार्यस्थलों के लिए अनुकूल है। परीक्षण में ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय भी शामिल थे। स्कोर ने कहा, हमने पाया कि गैर-लाभकारी और पेशेवर सेवाओं में लगे कर्मचारियों के व्यायाम करने के औसत समय में वृद्धि हुई, जबकि निर्माण/विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वालों ने थकावट भरे काम और नींद की समस्या से राहत महसूस की।
पांच दिन का काम 4 दिन में निपटा दिया
पायलट प्रोजेक्ट में करीब 3,000 कर्मचारियों को पांच दिन के ऑफिस के काम को 4 दिन में पूरा करने के लिए कहा गया था। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, सभी कर्मचारी जोश में काम करते दिखे। कंपनी की उत्पादकता और गुणवत्ता पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा। तीन दिन आराम के दौरान घर से दफ्तर आने के लिए वाहनों का इस्तेमाल नहीं होने से कार्बन उत्सर्जन भी कम हुआ।
महिलाओं का अनुभव रहा बेहतर
फोर डे वीक ग्लोबल के सीईओ डॉ. डेल वेलेहेन ने कहा, यूं तो पुरुषों और महिलाओं, दोनों को चार दिवसीय कार्य सप्ताह से लाभ हुआ, लेकिन महिलाओं का अनुभव आम तौर पर बेहतर रहा। इस कार्य सप्ताह से उन्होंने जीवन और नौकरी से संतुष्टि महसूस करने के साथ इसे मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्त्वपूर्ण बताया।
Published on:
22 Feb 2023 10:28 pm
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