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Aaj Ka Rashifal 2 May: कैसा रहेगा आपका दिन बता रहे हैं तीन ज्‍योतिषाचार्य, पढ़ें अभी सिर्फ पत्रिका में

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

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जयपुर

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Shipra Gupta

May 01, 2023

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आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज

अंकगणित में आज का मूलांक 2 और भाग्यांक 5 है। आज आपके मन में भावनात्मक द्वंद और संघर्ष की स्थिति बनी रहेगी। वहीं दूसरी ओर धन और प्रभाव को बढ़ाने के लिए आपको कर्तव्य परायणता और व्यवस्थाएं अपनी ओर खींचेगी। संतुलित तरीके से किए गए कार्य अच्छे परिणाम दिला सकते हैं। आज वो लोग ज्यादा सफल होंगे जो अपने कार्यों को भावनात्मक ऊर्जा के साथ करते हैं। मूलांक 2,4,6 वालों के लिए आज का दिन प्रभावशाली रह सकता है। वहीं 1,3,5 और 7 वालों को कार्य में आसपास के लोगों और प्रकृति की मदद से पूरे होंगे। मूलांक 8 और 9 वालों को धैर्य और सहयोग की भावना से अपने आपकों संयमित रखना होगा। बैंकिंग, टीचिंग और मैनेजमेंट से संबंधित लोग आज के दिन का विशेष फायदा उठा सकते हैं। हायर मैनेजमेंट में वे लोग जो पब्लिक रिलेशन में हैं उन्हें भी आज के दिन दूसरों को डिल करते समय इमोशनल केयर को प्रेफरेंस देनी होगी तभी वांछित परिणाम पा सकेंगे।


टैरो कार्ड में आज का कार्ड 'हाई प्रीस् टेस्' के साथ 'सिक्स ऑफ कप' है। आज का दिन नॉन एक्शन के साथ अनकॉन्शसनेस और मिस् ट्री जैसे वर्ल्डस की एनर्जी के साथ है। थोड़ी लापरवाही और अचानक घटनाक्रम में बदलाव के कारण चीजों को समझने का मौका न मिल पाएं। आज का दिन संभावनाओं और उत्साह से भरा हुआ है। भविष्य के लिए योजना बनाना व व्यक्तियों और संस्थानों का चयन करने में सफलता मिलेगी। आज के दिन में नए लोगों के साथ रिश्ते बनाते हुए खुशी क पल संजोने की कोशिश करेंगे। रिश्तों में नई शुरूआत सुखमय भविष्य की ओर इशारा करती है।

वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)

सनसाइन के अनुसार आज का दिन कार्यस्थल पर आपसी वाद विवाद और तनाव से भरा हो सकता है। दूसरे लोग किसी बात से सहमत न हो सकेंगे तो ऐसी स्थिति में पुराने पेंडिंग काम पर फोकस करते हुए आज के दिन का बेहतर उपयोंग करें। आर्थिक रूप से बनाई गई योजनाएं सफल हो सकती है। भविष्य के लिए किए गए कार्यों में सफलता मिल सकती है।

मूनसाइन के अनुसार आज का दिन थोड़ा भावुकता प्रधान करने वाला है। दूसरों की अपेक्षा अपनी भावनाओं पर अधिक ध्यान केन्द्रित हो सकता है। इससे स्नेही संबंधों को हर्ट कर सकते हैं लेकिन शब्दों और व्यवहार के माध्यम से सब ठीक कर सकते हैं। निजी पेंडिंग कार्यों के साथ ही मुलाकात और वार्तालाप करें, जिससे भावनात्मक चोट लगने की संभावना स्वयं ही कम हो जाएगी।

आपका सवाल

प्रश्न: भगवान की मूर्ति के ऊपर चांदी का छत्र ही क्यों लगाया जाता है?

उत्तर: मनोकामना पूर्ण होने पर कुल देवी या देवता पर चांदी या बहुमुल्य धातुओं के छत्र चढ़ाने का इतिहास बहुत पुराना है। बहुमूल्य धातुओं के छत्र मंदिर में मूर्तियों के ऊपर इसलिए लगाए जाते हैं कि उनके ईस्ट उन पर अपनी छत्र छाया और आशीर्वाद हमेशा बनाए रखेंगे। छत्र सिंहासन के साथ उसके ऊपर लगाए जाने वाला एक आदर्श व्यवस्था है। इससे अपने इष्ट देवता को आदर और सम्मान समर्पित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो विद्युत चुंबकीय तरंगे नॉर्थ पोल टू साउथ पोल बहती हैं वे जब चांदी जैसे पदार्थ में से गुजरती हैं तो सर्वाधिक शुद्ध और स्वास्तिक ऊर्जा लिए हुए होती है। आकाशीय ऊर्जा को भूमि से प्रवाहित होती ऊर्जा के साथ जोड़कर इस के सान्निध्य में आए लोगों को इसका लाभ देती है। वे सभी लोग जो मंदिर परिसर में ईश्वर के समक्ष प्रणाम मुद्रा में होते हैं उन्हें यह ऊर्जा सहज ही प्राप्त होती है। इसीलिए हम देखते हैं की चांदी और सोने के परत लगे हुए पूजा और आध्यात्मिक स्थल बनाए जाते हैं ,जो वहां की उर्जा को सकारात्मक बना करके आने वाले भक्तों को सहज ही उपलब्ध करवाते हैं।

कैसा रहेगा विद्यार्थियों का साप्ताहिक राशिफल

विद्यार्थियों के लिए आने वाला सप्ताह बहुत सारी चुनौतियों के साथ बहुत संभल के चलने का रहेगा। एकाग्रता और समर्पण से लक्ष्यों को प्राप्त करना आसान रहेगा। लेकिन सप्ताह के मध्य में पूर्णिमा यानी फुल मून डे होने के कारण भावुक और शंकित शिक्षार्थियों को अपने ऊपर बेहतर नियंत्रण बनाने के लिए मेडिटेशन, अच्छी नींद, अच्छे कोच और सुपाच्य भोजन के साथ व्यायाम की आवश्यकता रहेगी। सप्ताह का आरंभ बहुत अच्छी ऊर्जा के साथ होगा। बहुत तेज गति से पिछले छूटे हुए कार्य होते चले जाएंगे। लेकिन सप्ताह का मध्य भाग केवल उन लोगों के लिए बेहतर है जो एकाग्र रहेंगे और समर्पित रहेंगे। भावनात्मक चिंतन और दूसरों के ऊपर डिपेंडेंसी परेशानी में डाल सकती है। सप्ताह के अंतिम दिनों में अपनी तैयारी को और सुदृढ़ कर के बचे हुए कार्य को पूरा करते हुए और पिछले एक-दो दिन में अगर कोई भावनात्मक उथल-पुथल हुई है, तो उसको वापस से कवर करते हुए उस समय की हानि को एक तेज गति से अपने कार्यों पर फिर से नियंत्रण बनाने के लिए प्रयास करने होंगे।

आज का दैनिक राशिफल ज्यो पं चंदन श्याम नारायाण व्यास पंचांगकर्ता के साथ

मेष- वर्तमान समय शुभ फल देने वाला है। अपनी वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखें। बने काम बिगड़ सकते हैं। दूसरों की जगह अपनी सोच को बदलने का प्रयास करें। इष्ट आराधना सहयाक होगी।

वृषभ- छोटी — छोटी बातों पर क्रोध करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। जिस कार्य को आप कई दिनों से करना चाहते थे वो कोई और कर जाएगा। शत्रु हावी हो सकते हैं।

मिथुन- स्वास्थ्य में सुधार होगा। आगामी भविष्य को ले कर चिंतित रहेंगे। मन में कई विचार आएंगे। व्यवसाय में उन्नति होगी। भूमि भवन सम्बंधित मामले पक्ष में हल होंगे। प्रशासन से जुड़े कार्य सहज हो जाएंगे। यात्रा संभव है।

कर्क- संतान से विवाद हो सकता है। आजीविका को लेकर आप चिंतित हैं। विवाह योग्य जातकों के लिए समय उपयुक्त है। कारोबार विस्तार करने का मन होगा। वाहन सुख की प्राप्ति संभव है।

सिंह- अपने मन की बात हर किसी को बताने से आपका नुकसान हो सकता है। सुख सुविधा की वस्तुओं पर धन खर्च होगा। आप की उन्नति से विरोधी नाखुश होंगे। वाक् चातुर्य से अधिकारी प्रभावित होंगे। विदेश जाने के योग बन रहे हैं।


कन्या- समय पर काम करना सीखें। संतान के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। जीवनसाथी का साथ आगे बढ़ने में सहायक होगा। वाहन सुख मिलने के योग है। कार्य की अधिकता और समय की कमी का आभास होगा।

तुला- व्यवहार कुशलता की तारीफ होगी। वस्त्र आभूषण की प्राप्ति होगी। रचनात्मक कार्यो में रूचि बढ़ेगी। भाई बहनों से विवाद की स्थिती बन सकती है। दुसरों की निजी जिन्दगी में दखल देना बंद करें। अपनी सोच को बदलें।

वृश्चिक- शुरूआत धीरे होगी लेकिन उसमें सफलता प्राप्त होगी। व्यापार में विस्तार होगा। यह समय उत्तम है इसका भरपूर लाभ उठाएं।

धनु- सफलतापूर्वक काम चल रहा है। संतान के कार्यो से मन दुखी होगा। आज का दिन जरूरी कार्यो को पूरा करने में व्यतीत होगा। यात्रा हो सकती है। कारोबार में नए अवसर लाभ दिलवाएंगे।

मकर- करीबी लोग नहीं चाहते कि आप आगे बढ़े। अपना काम पूरा ईमानदारी के साथ करेंं। भितरघात वालो से सावधान रहें। कार्यस्थल पर विवाद की स्थिति बन सकती हैं। आर्थिक मामले सुलझेंगे।

कुम्भ- स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। विद्युत उपकरण खरीदने के योग बन रहे हैं। वाहन मशीनरी का प्रयोग सावधानी से करें। राजकीय कार्योें में अवरोध आ सकता है।

मीन- किसी के जवाब का बेसब्री से इन्तजार कर रहे हैं। नौकरी में बदलाव के लोग है। तकनीकी के प्रयोग से विद्यार्थी सफल होंगे। दांतों में विकार की सम्भावना है। मेहनत के अनुकूल फल प्राप्त नहीं होगा।

ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पंडित घनश्यामलाल स्वर्णकार के साथ

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत: 1444
मु. मास: सव्वाल-11
अयन: उत्तरायण
ऋ तु: ग्रीष्म
मास: वैशाख
पक्ष: शुक्ल


शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज हस्त नक्षत्र में विवाह, हलप्रवहण व प्रसूतिस्नान आदि के शुभ मुहूर्त हैं। द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि रात्रि 11-18 बजे तक, तदन्तर त्रयोदशी जया संज्ञक शुभ तिथि है। द्वादशी तिथि में सभी चर-स्थिर कार्य, विवाह, जनेऊ आदि मांगलिक कार्य शुभ होते हैं, पर तेल लगाना व यात्रा नहीं करना चाहिए। त्रयोदशी तिथि में जनेऊ को छोडक़र, यात्रा, प्रवेश, वस्त्र, अलंकार व अन्य उत्सवादि शुभ रहते हैं।

श्रेष्ठ चौघडिय़ा: आज प्रात: 9-08 बजे से दोपहर बाद 02-02 बजे तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा अपराह्न 3-40 बजे से सायं 5-18 बजे तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11-57 बजे से दोपहर 12-50 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

दिशाशूल: मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चंद्र स्थिति के अनुसार आज दक्षिण दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल: अपराह्न 3-00 बजे से सायं 4-30 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

चंद्रमा: चंद्रमा कन्या राशि में सम्पूर्ण दिवारात्रि। नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी ‘‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’’ संज्ञक नक्षत्र सायं 7-41 बजे तक, तदन्तर हस्त ‘‘क्षिप्र व तिङर््यंमुख’’ संज्ञक नक्षत्र है। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में विवाह, यज्ञोपवीत, स्थिरता, अलंकार, गृहारम्भ व प्रवेश आदि के कार्य और हस्त नक्षत्र में यात्रा विवाह व विद्यादि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।

योग: व्याघात नामक नैसर्गिक अशुभ योग पूर्वाह्न 11-49 बजे तक, तदन्तर हर्षण नामक नैसर्गिक शुभ योग हैं।

विशिष्ट योग: त्रिपुष्कर नामक शुभाशुभ योग सूर्योदय से सायं 7-41 बजे तक है। त्रिपुष्कर नामक योग में यदि कोई शुभाशुभ या लाभ हानि का कार्य हो तो वैसा ही कार्य दो बाद और घटित होता है।

करण: बव नामकरण प्रात: 10-44 बजे तक, तदन्तर बालव व कौलवादि करण रहेंगे।

व्रतोत्सव: आज परशुराम द्वादशी, राधा-रुक्मिणी द्वादशी व गुरु अर्जुन देव जयन्ती (नवीन मत से) है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे: आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (टो, प, पी, पू, ष) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि कन्या है। कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। इनका जन्म रजतपाद से है। सामान्यत: ये जातक कुशाग्र बुद्धि, सत्य एवं मृदुभाषी, अपने पुरुषार्थ से धनोपार्जन करने वाले और भाग्यशाली होते हैं। इनका भाग्योदय 30-32 वर्ष की आयु तक हो जाता है। कन्या राशि वाले जातकों को अपने क्रोध पर नियन्त्रण रखना चाहिए। गृहक्लेश को टालने का प्रयास करें। लाभ-खर्च की बराबर स्थिति है। मन अस्थिर रहेगा।