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Aaj Ka Rashifal 7 August : जानिए आज क्या कहता है आपका भाग्य बता रहे हैं तीन ज्‍योतिषाचार्य

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

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जयपुर

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Shipra Gupta

Aug 06, 2023

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आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर
ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज

अंक ज्योतिष के अनुसार आज का मूलांक 7 और भाग्य अंक 4 है। आज के दिन में जहां एक और मिलन सरिता सहयोग और एक दूसरे के लिए सहयोग की भावना ऊर्जा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहेगी। वहीं दूसरी ओर किसी भी प्रकार की नकारात्मकता दिखाई देने पर दूसरी ओर से भी द्विगुणित नकारात्मकता प्रवाहित हो सकती है। ऐसे में बहुत सावधानी से उन लोगों के साथ दिन बिताने का प्रयास करें जो आपके लिए पहले से सहयोग आत्मक हो ।आज का दिन मूलांक 1,2, 4, 5,7 और 9 वालों के लिए ठीक रहने वाला है।

टैरोकार्ड में आज का कार्ड 'द सन' के साथ 'फाइव ऑफ स्वार्डस' है। आज के दिन में नई सूचनाएं व्यापार में ऊंचाई थोड़ी आक्रमक का और आगे के लिए एश्योरेंस मिलने की संभावना रहेगी। इसके साथ ही परिवार के साथ दूसरों की नकारात्मकता से अपने आप को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। अपने ऊपर भरोसा रखते हुए अपने लोगों के साथ पूरे विश्वास के साथ प्रयत्न करने पर नकारात्मक शक्तियां पीछे हटेगी और ईर्ष्या और द्वेष से भरे मन अपने आप आपकी सकारात्मकता के आगे नतमस्तक होंगे।

वैदिक ज्योतिष (मूनसाइन — सनसाइन)

सनसाइन के अनुसार आज का दिन कार्यस्थल पर परस्पर सहयोग का दिन रहने की ज्यादा संभावना है। ईर्ष्या द्वेष जनित किसी भावना पर प्रतिक्रिया देना विवाद को बहुत बड़े स्तर तक ले जाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। शांत रहकर नकारात्मक विषयों को भविष्य के लिए छोड़ना बेहतर रहेगा।


मूनसाइन के अनुसार भावनात्मक रूप से आज का दिन बहुत ही शानदार रहने की संभावना है। साथी अपने किसी समस्या के कारण बहुत ही निराश और परेशान हो सकता है। ऐसे में आपका क्या सहयोग उनको लंबे समय याद रहेगा और स्थाई संबंधों के लिए प्रेरित करेगा तो आज जितना हो सके उतना सहयोगात्मक रहने का प्रयास करें।

कैसा रहेगा साप्ताहिक दाम्पत्य राशिफल

दांपत्य जीवन के लिए आने वाला सप्ताह बहुत सारी नई परिस्थितियों को लाने वाला सिद्ध हो सकता है नए लोगों से संपर्क और उनके साथ पर्यटन और आनंद की स्थितियां बन सकती हैं सप्ताह के प्रथम भाग में आपसी विचार विमर्श और सहयोग का आदान-प्रदान ऊंचे स्तर पर रहने की संभावना है सप्ताह के मध्य भाग में एक दूसरे के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने और निराशा के क्षणों में हिम्मत बंधने से संबंधों में और गहराई आने की संभावना है सप्ताह का अंत दूसरों के हस्तक्षेप के कारण आपस के संबंधों में तनावपूर्ण स्थिति से ना जुड़ जाए इसका ख्याल रखना होगा


आपका सवाल

प्रश्न: वैज्ञानिक दृष्टिकोण से धार्मिक स्थलों पर मन शांत क्यों रहता है?

उत्तर: धार्मिक स्थल पर जब हम जाते हैं, तो हमारा मन दो कारणों से शांत हो जाता है और हम वहां जाकर बहुत शांति महसूस करते हैं, पहला कारण है की हमारे धार्मिक स्थलों का वास्तु शास्त्र यानी हमारे धार्मिक स्थल इस तरह से बनाए जाते हैं, जिनमें ऊर्जा का सकारात्मक प्रभाव अधिक से अधिक बना रहे, दूसरा कारण यह कि धार्मिक स्थलों में लगातार चलने वाले धार्मिक कार्यक्रम उस जगह को बेहद ऊर्जावान बना देते हैं, इससे भी हमें वहां सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। इसके अलावा भी धार्मिक स्थलों पर दोनों टाइम होने वाली पूजा के समय घंटे घड़ियाल शंख आदि की ध्वनि काफी तेज होती है, जो हमारे मन को वर्तमान में खींच लाती है। हम पूर्व के घटनाक्रम को भूलकर कुछ क्षण उस वातावरण से इस तरह जुड़ जाते हैं कि पिछली बातें हमारे दिमाग से निकल जाती हैं और हम ईश्वर की आराधना और विश्वास से जुड़कर शांति और सकारात्मक ऊर्जा अनुभव करते हैं। जब हम प्रार्थना करते हैं तो मन की स्थिति अहंकार रहित हो जाती है ऐसे में भी हमें शांति का अनुभव होता है।

ज्यो पं चंदन श्यामनारायण व्यास पंचांगकर्ता


मेष:- सोचे कार्य समय पर होने से मन प्रसन्न रहेगा। अपने वाक् चातुर्य से सभी काम आसानी से करवा लेंगे। कार्यस्थल पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेंगे। प्रेम प्रसंग के कारण मन उदास होगा।

वृषभ:- आप की कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। जीवनशैली में आय परिवर्तन से खुश होंगे। आजीविका के नए स्त्रोत्र स्थापित होंगे। पारिवारिक सोहार्द बना रहेगा। मांगलिक समारोह में सक्रिय भूमिका रहेगी।

मिथुन:- अपने हिसाब से जिन्दगी जीना पसंद करेंगे। जो लोग आप के कार्यो की सराहना करते थे वे आप का विरोध करेंगे। भवन भूमि के विवादों का अंत होगा। पिता के व्यवसाय में रूचि कम रहेगी।

कर्क:- समय रहते अपने कार्य पूर्ण करें। पारिवारिक लोगों का सहयोग न मिलने से कार्य कार्य प्रभावित होंगे। घर में वास्तु अनुरूप परिवर्तन करें तो पारिवारिक तनाव ख़त्म होगा। फैक्ट्री में प्रवेश द्वार पर पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगाए चमत्कारिक लाभ होगा।

सिंह:- व्ययस्ता के कारण सेहत को न भूले। अपने जीवन साथी से नम्रता से बात करें। वाणी में मधुर रहें। यात्रा के योग है।

कन्या:- अपने अकडू व्यवहार से सभी से दुरिया बना लेंगे। व्यवहार नम्र रहें और अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें। पिता के साथ तालमेल न रहने से घर का वातावरण गरमा सकता है। संपत्ति से सम्बंधित जरुरी अनुबंध हो सकते है।

तुला:- जल्दबाजी में किए फैसलों से भारी नुकसान हो सकता है। परिवार में आपकी बातों को सुना जाएगा। धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता होगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। परीक्षा परिणाम अनुकूल होगा।

वृश्चिक:- समय से पहले और भाग्य से ज्यादा किसी को नहीं मिलता। अपने बारी का इंजतार करें। संतान के सहयोग से कार्य पुरे होंगे। नए लोगो से संपर्क बनेगा जो भविष्य में लाभ दयाक रहेगा। वाहन सुख संभव है।

धनु:- जो लोग दूसरे के लिए मांगते है उन्हें कभी अपने लिए नहीं मांगना पड़ता। माता के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। किसी के बहकाने से सम्बन्ध तोड़ने से बचें। पैर में चोट लग सकती है। समाज में नाम होगा।

मकर:- जिन लोगों का सहयोग आपने किया था आज वे ही आप से मुंह फेर रहे हैं। बीमारी में दवाई असर नहीं करेगी, बेहतर होगा अपना डॉक्टर बदलें। नए भवन में जाने के योग है।

कुम्भ:- अपने स्वभाव में परिवर्तन लाना बहुत जरूरी है। कार्यस्थल पर योजना लाभप्रद रहेगी। पड़ोसियों की मदद करना पड़ सकती है। क्रोध की अधिकता से परिजन नाखुश होंगे। शेयर बाजार में निवेश से लाभ होगा।

मीन:- किसी के बहकावे में आप बहुत जल्द आ जाते है। समय रहते जरूरी कार्य पुरे करें। निजी जीवन में दूसरों को प्रवेश न दें। पिता के व्यवहार से मन मुटाव होगा। जीवनशैली में परिवर्तन के योग है। पुरानी दुश्मनी के कारण विवाद संभव है।

ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पं. घनश्यामलाल स्वर्णकार

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम:पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत : 1445
मु. मास: मुहर्रम-19
अयन: दक्षिणायण
ऋ तु: वर्षा
मास: द्वि.श्रावण (अधिक)
पक्ष: कृष्ण

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज अश्विनी नक्षत्र में भद्रोत्तर प्रसूति स्नान व नामकरण आदि के यथा आवश्यक शुभ मुहूर्त हैं। सप्तमी भद्रा संज्ञक तिथि अंतरात 4-15 बजे तक, तदुपरांत अष्टमी तिथि प्रारम्भ हो जायेगी। वैसे सप्तमी तिथि में विवाहादि मांगलिक कार्य, नाचना- गाना, वस्त्र, अलंकार, यात्रा, प्रवेश, सवारी और व्यवसायारम्भ आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। पर अभी मलमास में शुभ कार्यादि शुभ नहीं है।

श्रेष्ठ चौघडिय़ा: आज सूर्योदय से प्रात: 7-37 बजे तक अमृत, प्रात: 9-15 बजे से पूर्वाह्न 10-54 बजे तक शुभ तथा दोपहर बाद 2-11 बजे से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12-06 बजे से दोपहर 12-59 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्त्युत्तम है।

दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर आज मेष राशि के चन्द्रमा का वास पूर्व दिशा की यात्रा में सम्मुख रहेगा। यात्रा में सम्मुख चन्द्रमा लाभदायक व शुभ माना गया है।

राहुकाल: प्रात: 7-30 बजे से प्रात: 9-00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।


चंद्रमा: चन्द्रमा मेष राशि में सम्पूर्ण दिवारात्रि।

नक्षत्र:अश्विनी ‘‘क्षिप्र व तिङर््यंमुख’’ संज्ञक नक्षत्र रात्रि 1-16 बजे तक, तदुपरांत भरणी ‘‘उग्र व अधोमुख’’ संज्ञक नक्षत्र है। अश्विनी नक्षत्र में यदि समयादि शुद्ध हो तो यात्रा, औषध ग्रहण, अलंकार, विद्या व चित्रकारी आदि के कार्य करने योग्य है। पर अभी मलमास चल रहा है।

योग: शूल नामक नैसर्गिक अशुभ योग सायं 6-16 बजे तक, तदन्तर गण्ड नामक नैसर्गिक अशुभ योग हैं। गण्ड योग की प्रथम छह घटी शुभ कार्यों में त्याज्य है।

विशिष्ट योग: रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग सूर्योदय से रात्रि 1-16 बजे तक है। रवियोग-तिथि, वार नक्षत्रजन्य कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभ कार्यारम्भ के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।

करण : भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण सायं 4-48 बजे तक, तदन्तर बवादि करण प्रारम्भ हो जाएंगे।

व्रतोत्सव: आज श्रावण वन सोमवार व्रत, गण्डमूल रात्रि 1-16 बजे तक, महापात अंतरात 5-25 बजे से वक्री शुक्र अश्लेषा के चौथे चरण व कर्क राशि में प्रवेश पूर्वाह्न 10-56 बजे से।


आज जन्म लेने वाले बच्चे: आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (चू, चे, चो, ला, लि) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि मेष है। जिसका स्वामी मंगल है। इनका जन्म स्वर्णपाद से है।