17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रदेश के राजनीतिक हालात ख़राब, कौन पक्ष कौन विपक्ष पता ही नहीं चलता

आम आदमी पार्टी ने लगातार भाजपा और कांग्रेस को घेर रही है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन पालीवाल ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में अब तो यह हालत है कि पता ही नहीं चल रहा कि कौन पक्ष और कौन विपक्ष।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Umesh Sharma

Jun 24, 2023

प्रदेश के राजनीतिक हालात ख़राब, कौन पक्ष कौन विपक्ष पता नहीं चलता

प्रदेश के राजनीतिक हालात ख़राब, कौन पक्ष कौन विपक्ष पता नहीं चलता

जयपुर। आम आदमी पार्टी ने लगातार भाजपा और कांग्रेस को घेर रही है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन पालीवाल ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में अब तो यह हालत है कि पता ही नहीं चल रहा कि कौन पक्ष और कौन विपक्ष। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं कांग्रेस के विधायक और मंत्री सीएमअशोक गहलोत के खिलाफ लगातार मोर्चा खोलते नज़र आ रहे हैं। कई विधायक चुनाव लड़ने से इनकार कर रहे हैं, कई इस्तीफ़ा दे रहे हैं, कई बग़ावती तेवर अपनाए हुए हैं, कई मंत्री आपस में एक दूसरे को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं।

पालीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही कहती आ रही है कि सीएम गहलोत पूरे कार्यकाल में प्रदेश के विकास औऱ जनता के मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं थे। केवल कुर्सी बचाओ योजना में बिजी रहे। कांग्रेस के विधायक भरत सिंह ने वाइल्ड लाइफ बोर्ड की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अपनी ही सरकार पर आरोप लगाना ये दर्शाता है कि अशोक गहलोत को अपनी कुर्सी बचाने के अलावा किसी भी चीज में रुचि नहीं है। पालीवाल ने कहा कि UDH मंत्री शांति धारीवाल कहते हैं कि जयपुर से 3 मंत्री और 6 विधायक कांग्रेस के हैं। इनमें आपसी खींचतान रहती है इस वजह से जयपुर का विकास नहीं हो पाया। जबकि दूसरे मंत्री कहते हैं कि धारीवाल कांग्रेस को हराना चाहते हैं।

रिपिट के सपने नहीं देखें मुखिया
पालीवाल ने कहा कि जिस सरकार का विरोध विपक्ष वाले कम और उनकी ही सरकार औऱ पार्टी के लोग ज्यादा कर रहे हों, ऐसी सरकार के मुखिया को रिपीट के सपने नहीं देखने चाहिए। प्रदेश कांग्रेस की स्थिति ये हो गई है कि प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को छोटे छोटे इश्यू पर पंचायती करनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री को भी इन विधायकों के जीतने की कोई उम्मीद नज़र नहीं आती। इस वजह से ख़ुद ही अकेले चुनावी दौरों में व्यस्त हैं।

यह भी पढ़ें:-गहलोत सरकार को घेरने का भाजपा का प्लान, जयपुर में होगा महासम्मेलन

मंत्रियों और पदाधिकारियों को कोई अधिकार नहीं
पालीवाल ने कहा कि प्रदेश की गहलोत सरकार भी केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर काम कर रही है। जहां मंत्रियों और पदाधिकारियों के पास कोई राइट्स नहीं होते। सारी शक्तियाँ एक ही व्यक्ति पर केंद्रित हैं। सारे अधिकार सिर्फ एक व्यक्ति के पास हैं। जो कि लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।