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rajastham – आप, बसपा, बीटीपी और आरएलपी भी अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने में जुटी

विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर कांग्रेस और भाजपा के साथ ही अन्य अन्य दल भी अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने को लेकर जुट गए हैं। इन दलों में मुख्य रूप से बहुजन समाज पार्टी (बसपा), आम आदमी पार्टी (आप), राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी), भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) और माकपा हैं।  

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rajastham - आप, बसपा, बीटीपी और आरएलपी भी अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने में जुटी

rajastham - आप, बसपा, बीटीपी और आरएलपी भी अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने में जुटी

सुनील सिंह सिसोदिया
जयपुर.

प्रदेश में डेढ़ साल बाद विधानसभा चुनाव है। 2023 में होने वाले इन चुनावों को लेकर राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा-कांग्रेस के अलावा अन्य दलों ने भी तैयारी तेज कर दी है। इनमें बहुजन समाज पार्टी (बसपा), आम आदमी पार्टी (आप), राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) मुख्य हैं। बसपा ने अपनी सभी जिला और विधानसभा कमेटियों को भंग कर दिया है। आगामी सात दिन में नई कमेटी गठित की जाएगी। आप की ओर से संभाग यात्रा शुरू की जा चुकी हैं। बीटीपी अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन कर रही है, वहीं आरएलपी और मजबूती देने के लिए बूथ स्तर तक लोगों को जोड़ने के लिए रणनीति बनाने में जुटी है। माकपा भी तैयारियों में जुटी हैं। इन पांच दलों में से अभी विधानसभा में आप का कोई विधायक नहीं है। शेष तीन के 13 विधायक हैं। हालांकि बसपा के सभी छह विधायक कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।

बसपा...
बसपा राजस्थान के 'मिशन 2023' मोड में आ गई है। हाल ही दिल्ली में बसपा मुख्यालय पर प्रदेश के नेताओं की बुलाई गई बैठक के बाद सभी जिला और विधानसभाओं की टीमों को भंग कर दिया गया है। प्रदेशाध्यक्ष भगवान सिंह बाबा का कहना है कि आगामी 7 दिवस में नई टीमों का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुई बैठक में पार्टी ने राज्य की भाजपा-कांग्रेस पार्टी के मुकाबले के लिए रणनीति पर भी मंथन किया है। बैठक पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार, राष्ट्रीय कोर्डिनेटर आकाश आनंद और राजस्थान के मुख्य प्रभारी सांसद रामजी गौतम की मौजूदगी में हुई।

- निष्क्रिय सदस्यों को हटाकर सक्रिय को संगठन में भागीदारी देंगे। 50 युवाओं के साथ ही सर्वसमाज के लोगों को शामिल किया जाएगा। चुनाव विधानसभा की सभी 200 सीटों पर लड़ेगे, लेकिन पूर्वी राजस्थान और शेखावाटी सहित अन्य क्षेत्रों के 15 से 16 जिलों में विशेष फोकस रहेगा, जहां पार्टी को चुनाव में पहले जीत मिली है। मई में पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद दौरे करेंगे। - भगवान सिंह बाबा, प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान

आप
दिल्ली के बाद पंजाब में सरकार बना चुकी आप को राजस्थान से भी अब बहुत उम्मीद है। यही वजह है कि पार्टी ने संभागों में संवाद कार्यक्रम 24 से शुरू कर दिया है। पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी विनय मिश्रा के नेतृत्व में शुरु हुई यात्रा 2 मई को हनुमानगढ़ में कार्यक्रम के बाद पूरी होगी। इस दौरान सभी नए व पुराने कार्यकर्ताओं की बैठक ली जाएगी। इसमें सदस्यता अभियान व अन्य मुद्दों पर आगामी रणनीति तैयार होगी। सभी संभागों में मीडिया से वार्ता करेंगे। कार्यकर्ता सवांद यात्रा के लिए 8 सदस्यों की प्रदेश कॉर्डिनेशन टीम गठित की गई है। इसके अलावा सभी संभागों में कोर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं।

- प्रदेश में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने के लिए तैयारी शुरू की जा चुकी है, लोकसभा से जिला, विधानसभा और गांव तक संगठन को खड़ा करेंगे। पुराने लोगों के साथ नए लोगों को जोड़ा जाएगा। पुराने लोगों का अनुभव और नए लोगों की ऊर्जा का गठजोड़ कर आगे बढ़ंगे। - विनय मिश्रा, चुनाव प्रभारी राजस्थान

आरएलपी...
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर आरएलपी ने भी चुनाव तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी आने वाले दिनों में संगठन विस्तार बूथ स्तर तक करने की रणनीति बना रही है। इसके साथ ही संगठन से नए युवा चेहरों को जोड़ा जाएगा। पार्टी का मानना है कि भाजपा-कांग्रेस का शासन देख चुकी जनता अब आरएलपी का प्रदेशभर में साथ देगी। पार्टी के गठन के समय पांच बड़ी हुंकार रैलियां की गई थी। चुनाव से पहले अपने जनाधार को बढ़ाने को लेकर और हुंकार रैली करने को लेकर तैयारी है।

- आरएलपी ने जनता के हितों की लड़ाई को सदैव मजबूती से लड़ा है और लड़ती रहेगी। हमारा मकसद सत्ता पाना नहीं, आरएलपी राजस्थान को सही मायनों में आजाद करवाकर व्यवस्था परिवर्तन करवाने की लड़ाई लड़ रही है, ताकि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी सत्ता में भागीदारी प्राप्त हो सके। - हनुमान बेनीवाल, राष्ट्रीय संयोजक, आरएलपी

बीटीपी...

आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीटीपी ने आदिवासी बहुल जिले उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर में संगठन को मजबूती देने को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी अपनी समान विचारधारा वाले कुछ दलों के साथ इस बार विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी में है। तीन जिलों में लगभग सभी सीटों पर पार्टी चुनाव मैदान में उतरेगी। इसके लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है। पार्टी अभी भाजपा-कांग्रेस की विचारधारा के खिलाफ जो दल हैं, उन्हें साथ लेने पर काम कर रही है।

- समान विचारधारी वाली चार पार्टियों से गठबंधन कर चुनाव में उतरेंगे। आदिवाली बहुल तीन जिलों में बीटीपी उम्मीदवार उतारेगी। इसके अलावा अन्य दलों के प्रभुत्व वाले जिलों में बीटीपी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकार चुनाव में मदद करेगी। - वेलाराम घोघरा, प्रदेशाध्यक्ष बीटीपी

माकपा
कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माकपा) भी चुनाव तैयारी को लेकर अन्य दलों से पीछे नहीं है। बड़े स्तर पर तो नहीं, लेकिन जमीनी स्तर पर पार्टी ने काम शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी के कुछ कार्यक्रम भी हो सकते हैं।