8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आबू की सौंफ से खुल सकते हैं रोजगार के द्वार, देश में फैलेगी सुगंध

सौंफ हमारी तो मंडी और यूनिट भी हो हमारी, अभी गुजरात की ऊंझा मंडी पर है निर्भरता अमरसिंह राव सिरोही . आबूरोड की सौंफ की गुणवत्ता और खुशबू ऐसी है कि प्रदेश ही नहीं बल्कि गुजरात व महाराष्ट्र समेत देशभर में महक फैला रही है। इस नगदी फसल की लगभग 4000 से 4500 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की जा रही है। सौंफ की उन्नत खेती यहां आत्मनिर्भरता तो बढ़ा रही है, लेकिन अब जरूरत इसकी अधिकाधिक यूनिट लगाने की है ताकि काश्तकारों को पूरा मोल मिल सके। बिक्री के लिए गुजरात की ऊंझा मंडी पर निर्भर रहना पड़ता है। यदि यहां
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Sudhir Bhatnagar

•

Updated: 21 Jun 2020, 5:45 PM IST

आबू की सौंफ से खुल सकते हैं रोजगार के द्वार, देश में फैलेगी सुगंध

आबू की सौंफ से खुल सकते हैं रोजगार के द्वार, देश में फैलेगी सुगंध


राष्ट्रपति भवन तक पहचान
यहां की सौंफ की महक राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुकी है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन में इसके पौधे लगाने की मंजूरी दी थी। मुगल गार्डन में यह आबू सौंफ 440 के नाम से पहचान बना रही है।
सिरोही की जलवायु अनुकूल
कृषि वैज्ञानिक यहां की जलवायु को सौंफ की खेती के अनुकूल मानते हैं। गुजरात के बनासकांठा और साबरकांठा, डीसा में भी सौंफ की खेती होती है, लेकिन कहते हैं सौंफ के लिए राजस्थान में सबसे उपयुक्त जगह सिरोही ही है। हालांकि जालोर, जोधपुर और अजमेर के कुछ हिस्सों में भी सौंफ की खेती की जाती है। सिरोही की सौंफ की महक व चमक सबसे बेहतर है।
इन यूनिट की आवश्यकता
यहां कई तरह की यूनिट लगाई जा सकती हैं। इसकी 50 ग्राम, 100 और 200 ग्राम की पैकिंग यूनिट, मुखवास, शर्बत, ठंडाई सहित कई यूनिट लग सकती हैं। धनिया दाल या मिश्री के साथ मुखवास में काम आती है। इसके कई औषधीय फायदे भी हैं।
.तो किसानों की बढ़ेगी आमदनी
&आबू की सौंफ देश में सबसे अलग तरह की खुशबूदार और गुणवत्ता से भरी है। यहां यदि छोटी-छोटी यूनिट लगाई जाए तो न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।
डॉ. एमएस चांदावत, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, सिरोही