
वाट्सऐप पर अपशब्द कहना सार्वजनिक अपराध नहीं
मुंबई. व्यक्तिगत वाट्सऐप अकाउंट पर किसी को गाली देना धारा 294 के तहत अपराध नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह सार्वजनिक स्थल नहीं है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यह बात कही। आइपीसी की धारा 294 के तहत सार्वजनिक स्थान पर गाली गलौज का केस दर्ज किया जाता है।
एक महिला ने शिकायत की थी कि उसके पति ने उसे वाट्सऐप पर आपत्तिजनक शब्द कहें। आरोपी पर पुलिस ने धारा 294, 500, 506 और 507 के तहत एफआइआर दर्ज की गई थी। जस्टिस टीवी नलवाडे और जस्टिस एमजी सेवलिकर की पीठ ने कहा अगर वो व्यक्ति वाट्सऐप पर संदेश भेजते हैं तो यह व्यक्तिगत संदेश प्लेटफॉर्म है, न कि सार्वजनिक जहां किसी का अपमान होता हो। शेष ञ्च 00
आरोपी के वकील ने यह तर्क दिया था कि आरोपी और उसकी पत्नी के बची व्यक्तिगत बातचीत हुई है। वाट्सऐप सार्वजनिक स्थान नहीं है, जहां चैट करने से महिला का अपमान हुआ हो, इसलिए यह केस ही नहीं बनता।
509 के तहत केस दर्ज करें
कोर्ट ने कहा कि यह ठीक है कि आरोपी ने सार्वजनिक रूप से महिला को गाली नहीं दी, लेकिन जांच अधिकारी चाहे तो वह आरोपी के खिलाफ धारा 509 के खिलाफ केस दर्ज कर सकता है। धारा 509 उन लोगों पर लगाई जाती है जो किसी औरत के शील या सम्मान को चोट पहुंचाने वाली बात कहते हैं या हरकत करते हैं।
Published on:
15 Mar 2020 01:54 am
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