
मॉडरेटर अनीता आनंद और वक्ता जिमी वेल्स (फोटो- पत्रिका)
Jaipur Literature Festival 2026: जयपुर साहित्य महोत्सव के चारबाग वेन्यू में आयोजित सत्र ‘द सेवन रूल्स ऑफ ट्रस्ट’ में विकिपीडिया के सह-संस्थापक जिमी वेल्स ने भरोसे के संकट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर गहन और स्पष्ट विचार रखे। इस सत्र का संचालन पत्रकार और ब्रॉडकास्टर अनीता आनंद ने किया। विकिपीडिया की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर यह सत्र खास चर्चा का केंद्र रहा।
सत्र की शुरुआत करते हुए जिमी वेल्स ने कहा कि आज दुनिया भरोसे के गंभीर संकट से गुजर रही है। लोग राजनीति, मीडिया, विशेषज्ञों और संस्थाओं पर पहले जैसा भरोसा नहीं करते। उन्होंने कहा, भरोसा ऐसी चीज नहीं है जिसे आप मांग सकें। भरोसा उस सिस्टम और डिजाइन से पैदा होता है, जिसे लोग निष्पक्ष और पारदर्शी मानते हों।
विकिपीडिया की सफलता का सबसे बड़ा कारण यही है कि वह लोगों पर भरोसा करता है। आज भी विकिपीडिया के ज्यादातर पेज खुले हैं। कोई भी व्यक्ति बिना लॉगिन किए एडिट कर सकता है। यह सुनने में चौंकाने वाला लगता है, लेकिन 25 साल से यह मॉडल काम कर रहा है, क्योंकि ज्यादातर लोग बुरे नहीं होते।
एआई और भाषा मॉडल्स पर बात करते हुए उन्होंने एक अहम चेतावनी दी। वेल्स ने कहा कि एआई की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह गलत जानकारी को भी बहुत आत्मविश्वास के साथ पेश करता है, जिसे ‘हैलुसिनेशन’ कहा जाता है।
एआई विकिपीडिया के लिए सीमित रूप से ही उपयोगी है। एआई पूरा लेख नहीं लिख सकता, लेकिन वह छोटी गलतियां पकड़ने या तोड़-फोड़ (वैंडलिज्म) पहचानने में मदद कर सकता है। वेल्स ने बताया कि विकिपीडिया में मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अंतिम फैसला हमेशा इंसानों का ही होता है।
राजनीतिक ध्रुवीकरण पर बोलते हुए वेल्स ने कहा कि समाज में मतभेद हमेशा रहे हैं, लेकिन समस्या तब होती है जब लोगों को लगता है कि सिस्टम उनके खिलाफ या रिग्ड है। जब लोगों को लगता है कि व्यवस्था निष्पक्ष नहीं है, तब हर असहमति अस्तित्व का सवाल बन जाती है। उन्होंने ब्रिटेन के चुनावी सिस्टम और ब्रेक्जिट का उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार गुस्सा नीतियों से ज्यादा सिस्टम के डिजाइन को लेकर होता है।
विकिपीडिया की आर्थिक स्वतंत्रता उसकी सबसे बड़ी ढाल है। हम सरकारों या अरबपतियों से फंड नहीं लेते। ज्यादातर लोग औसतन 10 डॉलर दान करते हैं, जिससे हमारी बौद्धिक स्वतंत्रता बनी रहती है। उन्होंने रूस और चीन जैसे देशों के उदाहरण भी दिए, जहां विकिपीडिया को कभी-कभी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा।
विकिपीडिया पर विवादित विषयों को संभालने का तरीका ही उसकी ताकत है। उन्होंने गर्भपात जैसे संवेदनशील मुद्दे का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग विचारधाराओं के लोग भी मिलकर एक निष्पक्ष और तथ्यात्मक लेख तैयार कर सकते हैं, अगर उद्देश्य जीतना नहीं, बल्कि सही जानकारी देना हो। विकिपीडिया यह साबित करता है कि इंसान चाहें तो सहयोग, तर्क और तथ्यों के आधार पर साथ काम कर सकते हैं।
Updated on:
15 Jan 2026 10:53 pm
Published on:
15 Jan 2026 10:51 pm

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