
राजस्थान में घरेलू गैस सिलेंडरों की डिलीवरी में हो रही देरी और ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतों के बीच खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा सोमवार को एक अलग ही अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद, मंत्री गोदारा अचानक शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) के कॉल सेंटर पहुँच गए। वहां उन्होंने किसी अधिकारी की ब्रीफिंग लेने के बजाय खुद ऑपरेटर की कुर्सी संभाली और प्रदेश के विभिन्न जिलों के परिवादियों से सीधे फोन पर बात की।
मंत्री सुमित गोदारा ने कागज और पैन लेकर डीडवाना-कुचामन, सीकर, बालोतरा, अजमेर और सूरतगढ़ जैसे इलाकों के आम उपभोक्ताओं से बात की।
कॉल सेंटर पर शिकायतों का लाइव फीडबैक लेने के बाद मंत्री गोदारा ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने अधिकारियों को दो-टूक कहा कि जो एजेंसियां बुकिंग के 48 घंटे के भीतर गैस नहीं पहुँचा रही हैं, उनके खिलाफ तुरंत पेनल्टी और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जाए।
संवाद के दौरान मंत्री ने उपभोक्ताओं को आश्वासन दिया कि राजस्थान में एलपीजी (LPG) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी को पैनिक होने की जरूरत नहीं है।
मंत्री ने केवल फोन कॉल ही नहीं किए, बल्कि पोर्टल पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने 'संतुष्टि श्रेणी' (Satisfaction Category) को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल 'निस्तारण' (Disposal) कागजों में नहीं होना चाहिए, बल्कि उपभोक्ता वास्तव में समाधान से संतुष्ट होना चाहिए।
इस औचक निरीक्षण के बाद खाद्य विभाग की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। राजस्थान के सभी जिलों में रसद विभाग की टीमें अब गैस गोदामों और वितरण केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी ताकि घरेलू गैस का दुरुपयोग कमर्शियल कार्यों में न हो सके।
Updated on:
17 Mar 2026 04:12 pm
Published on:
17 Mar 2026 04:12 pm
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