
आरोपी का फाइल फोटो: पत्रिका
ACB Action: संगठित गिरोह के जेल में बंद एक सदस्य के खिलाफ चल रहे विचाराधीन मामले में एसीबी के परिवादी की ओर से कमजोर पैरवी करने की एवज में नीमकाथाना के सरकारी वकील ने 3.25 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। न्यायालय एसीजेएम, क्रम 1 नीमकाथाना में सहायक निदेशक अभियोजन पद पर लगे कौशल सिंह राठौड़ ने धारा 111 (4) एवं 308 बीएनएस 2023 हटाने और गैंगस्टर के सदस्य पक्ष के वकील के खिलाफ अदालत में विरोध नहीं करने के लिए घूस की डिमांड की थी। शिकायत मिलने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत का सौदा 3 लाख रुपए में तय हुआ।
एसीबी के डीआइजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि दो दिन पहले आरोपी सरकारी वकील राठौड़ ने पहली किस्त के 50 हजार रुपए लेने के लिए परिवादी को नीमकाथाना बुलाया था। हालांकि उस समय उसे शक होने पर उसने रिश्वत की राशि नहीं ली और पैसे जयपुर में लेने की बात कहकर परिवादी को वापस भेज दिया। आरोपी कौशल सिंह सहायक निदेशक अभियोजन पद पर पदस्थ है।
डॉ. सिंह ने बताया कि गुरुवार को आरोपी परिवादी की कार में ही नीमकाथाना से जयपुर आया। रात करीब 9:30 बजे जयपुर जंक्शन के बाहर स्थित सर्कल पर उसने कार में ही 50 हजार रुपए रिश्वत के रूप में लिए और वाहन से नीचे उतर गया। इसी दौरान सीकर एसीबी के एएसपी विजय सिंह के नेतृत्व में अन्य वाहनों में आगे और पीछे से निगरानी कर रही टीम ने उसको पकड़ लिया। एसीबी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी सरकारी वकील पर मामले में अभियोजन पक्ष को कमजोर करने और अदालत में प्रभावी विरोध नहीं करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत के सत्यापन के बाद ही ट्रैप की पूरी कार्रवाई की गई।
आरोपी ने 5000 रुपए रिश्वत के नोटों की गड्डी को अपनी पैंट की जेब में रख लिया था। एसीबी टीम उसे सदर थाना लेकर पहुंची, जहां स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उसके हाथ धुलवाए गए। रासायनिक परीक्षण में उसके हाथों पर नोटों का रंग मिला। जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने बताया कि जेल में बंद आरोपी रोहित गोदारा गैंग के सदस्य का साथी है। पहले दूसरी गैंग में शामिल था। बंदी के पिता ने एसीबी में सरकारी वकील के रिश्वत मांगने की पांच दिन पहले ही शिकायत की थी।
Updated on:
25 Jul 2026 07:22 am
Published on:
25 Jul 2026 07:13 am
