जयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों की वसूली और व्यापारी व ट्रांसपोर्टरों से टैक्स चोरी का गणित समझ रही है। सहायक उपायुक्त जेपी मीणा की गिरफ्तारी के बाद हर रोज एसीबी मुख्यालय पीडि़त व्यापारी और ट्रांसपोर्टर पहुंच रहे हैं।
जिनसे एसीबी अधिकारी गहनता से पूछताछ कर रहे हैं। एसीबी के उप पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार सहायक उपायुक्त जेपी मीणा, वाणिज्यक कर अधिकारी रघुवीर सिंह गोस्वामी की नौकरी का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा हैं। दोनों कब और कहां पर किस-किस वर्ष में तैनात रहे। वहां पर कौन-कौन सी कार्रवाई की। कोई बड़ी कार्रवाई की या सिर्फ वसूली में लगे रहे। इसके साथ ही दोनों की तैनाती के जिलों में प्रॉपर्टी खरीदने की भी जानकारी जुटाई जा रही है। परिवार के लोगों के नाम से खरीदी गई प्रॉपर्टी को भी चिह्नित किया जा रहा है। इधर, शनिवार और रविवार की छुट्टी के चलते जेपी मीणा, रघुवीर सिंह गोस्वामी और अमित चिराणियां के मोबाइल की कॉल डिटेल अभी तक नहीं मिल सकी है। कॉल डिटेल मिलने पर ही वसूली के खेल में जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की जा सकेगी।