व्यापारियों का कहना है कि बाजार में पांच, दो तथा एक के नोट पूरी तरह से विलुप्त हो गए हैं जिसके बाद सिक्कों का भी वर्तमान में यही स्थिति है। चिल्हर की समस्या गत वर्षों पहले भी थी, जब बाजार में एक, दो, पांच के फटे पुराने नोटों के कारण व्यापारियों की तकलीफ काफी बढ़ गई थी। जिसके चलते बैंको द्वारा एक, दो, पांच के सिक्कों को अधिक मात्रा में जारी करने से व्यापारियों व्यवसायियों को राहत मिली।