
Raipur News: @हिमांशु शर्मा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं के दस्तावेज को सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जा रहा है। इस दौरान रायपुर जिले के 4 लाख 22 हजार 427 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में अटक गए हैं, हालांकि अबतक इन मतदाताओं के नाम नहीं काटे गए हैं, लेकिन बीएलओ की ओर से इन मतदाताओं से दस्तावेज मंगाकर सत्यापन किया जा रहा है।
निर्वाचन से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर जिले में 6 से अधिक बच्चे वाले पिता की संख्या 31,716, सेम नाम वाले पिता 351,899, पिता और बच्चे की उम्र में 15 साल का अंतर वाले 65,325, पिता और बच्चे में 50 साल के उम्र का अंतर वाले 13,102 और दादा और पोते के उम्र में अंतर वाले 13,020 मतदाता है। सॉफ्टवेयर ने कुल 4,22,427 मतदाताओं की 4,75,062 त्रुटि पाई है, जिसमें कई डबल त्रुटियां है। वहीं जिले में कुल 18,925,23 मतदाता हैं, इनमें कुछ की मृत्यु हो चुकी, कुछ शिफ्ट हुए, डुप्लीकेट समेत कुछ अन्य की जानकारी नहीें है। ऐसे करीब 4 लाख 94 हजार 485 से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जा चुके हैं।
अब तक 17,249 दावा-आपत्ति आई
निर्वाचन से मिली जानकारी के अनुसार अबतक रायपुर जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में कुल 17,249 दावा-आपत्ति आई है। इनमें फॉर्म 6 में नाम जोड़ने के लिए 11,468, फॉर्म 7 में नाम हटाने के लिए 353 और फॉर्म 8 में त्रुटि सुधार के लिए 5428 दावा आपत्ति आई है। जिसका दस्तावेज सत्यापन कर निराकरण किया जा रहा है। वहीं सुनवाई और सत्यापन की अवधि 14 फरवरी 2026 तक की है। इसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
जिले में जिन मतदाताओं के दस्तावेज अपूर्ण थे, ऐसे करीब 1.33 लाख मतदाताओं को सी कैटेगरी में रखा गया है। इन सभी मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है, जो कि हर दिन जोन कार्यालय में आकर अपने दस्तावेज जमा कर रहे हैं। इन मतदाताओं के दस्तावेज की जांच कर मतदाता कन्फर्म किया जा रहा है। लेकिन मतदाताओं में जागरुकता की कमी होने के कारण काफी कम संख्या में दस्तावेज सत्यापन कर मतदाता पहुंच रहे हैं। इसी तरह नाम जुड़वाने वाले मतदाताओं की संख्या भी कम है।
नाम नहीं जुड़ने पर यहां करें अपील
यदि किसी मतदाता ने नाम जुड़वाने आवेदन दिया है, फिर भी नाम नहीं जुड़ पाया या फिर अन्य समस्या होती है तो वे ईआरओ के निर्णय के 15 दिन के अंदर जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) कार्यालय में आवेदन कर सकता है। यदि इनके भी निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है तो 30 दिन के अंदर छत्तीसगढ़ निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में द्वितीय अपील की जा सकती है।
वर्जन
साॅफ्टवेयर में अपलोड करने के दौरान समस्या आई है, इसके कारण 4.22 लाख मतदाताओं के नाम रुके हैं। कंप्यूटर सिस्टम ने ही पिता और बच्चे की उम्र में अधिक अंतर, दादा-पोते में अंतर और जिन माता-पिता के 6 बच्चे हैं इनके नाम रोक दिए हैं। बीएलओ द्वारा संबंधित मतदाताओं से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज मंगाकर सॉफ्टवेयर में ऑनलाइन निराकरण किया जा रहा है।
Published on:
20 Jan 2026 11:04 pm
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