सोशल मीडिया पर अपराधियों का बखान और फॉलो करना युवाओं को भारी पड़ रहा है। इतना ही नहीं हथियारों के साथ फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करके टशन दिखाने वालों पर भी पुलिस की नजर है।
जयपुर। सोशल मीडिया पर अपराधियों का बखान और फॉलो करना युवाओं को भारी पड़ रहा है। इतना ही नहीं हथियारों के साथ फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करके टशन दिखाने वालों पर भी पुलिस की नजर है। प्रदेशभर में ऐसा करने वाले करीब 2000 युवाओं को पुलिस जेल पहुंचा चुकी है, जिनमें से 400 तो जयपुर शहर के ही है। पुलिस का मानना है कि इससे गैंगस्टर्स का खौफ कम हुआ है।
युवा पीढ़ी को बना रहे थे 'हथियार'
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गैंगस्टर्स सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग व युवाओं को अपने गैंग से जोड़ रहे थे। उन्हें नशा, रुपए, कपड़े और बिंदास लाइफ का लालच देकर कई आपराधिक वारदात में शामिल किया। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो कई युवा अपराध के दलदल में फंसने से बच गए।
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अभियान का दिखा असर
सोशल मीडिया पर हथियार दिखाते हुए स्टेट्स लगाने वाले गैंगस्टर्स व उनके फॉलोअर्स पर पुलिस ने शिकंजा कसने के लिए कुछ माह पहले अभियान चलाया था। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद गैंगस्टर्स के फॉलोअर्स कम हो गए और अपराध में भी कुछ हद तक कमी आई है।
सोशल मीडिया पर गैंगस्टर्स को लाइक या फॉलो करने वालों को पकड़ा गया है। कई युवकों ने गलती से गैंगस्टर्स की पोस्ट लाइक की, ऐसे में उनके परिजन को बुलाकर काउंसलिंग करवाने के बाद छोड़ा गया। अब गैंगस्टर्स को लाइक करने वालों की संख्या कम हो गई है।
कैलाशचन्द्र बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, जयपुर