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नई दिल्ली। अमरीकी घरेलू सुरक्षा जांच (एचएसआई) प्रवर्तन कार्रवाई के हिस्से के रूप में स्थापित एक अमेरिकी विश्वविद्यालय में वीजा धोखाधड़ी के आरोप में 306 भारतीय विद्यार्थियों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं। विदेश राज्य मंत्री वी.के. सिंह ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अमरीकी अधिकारियों ने देश भर से 22 दलालों, भरती करने वालों और नियोक्ताओं को गिरफ्तार किया हैं, जिनमें कुछ अमरीकी भी शामिल हैं। इन लोगों ने कथित रूप से न्यूजर्सी कॉलेज यानी उत्तरी न्यूजर्सी विश्वविद्यालय (यूएनएनजे) में नामांकन के लिए 'भुगतान करो और रहो' के तहत छात्र और विदेशी श्रमिक वीजा छल से प्राप्त कर विदेशी नागरिकों के साथ षड्यंत्र किया।
राज्यमंत्री ने लोकसभा में दिए अपने लिखित उत्तर में कहा, कॉलेज की स्थापना और उसका संचालन अमेरिकी घरेलू सुरक्षा जांच प्रवर्तन कार्रवाई के हिस्सा के तहत हुआ था। उन्होंने कहा, अमरीकी सरकार के अनुसार जांच के दौरान एचएसआई के विशेष एजेंटों ने ऐसे 1076 विदेशी नागरिकों को चिन्हित किया, जो पहले एफ-1 गैर अप्रवासी वीजा के आधार पर अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों में प्रवेश के लिए अमेरिका में प्रवेश किए और बाद में यूएनएनजे में नामांकन करा कर अवैध रूप से वीजा पाने या एफ-1 गैर प्रवासी दर्जा बनाए रखने के लिए जानबूझकर वीजा धोखाधड़ी में संलिप्त पाए गए।
सिंह ने कहा, इस तरह के 306 भारतीय विद्यार्थी हैं। यह माना जाता है कि अमेरिकी अधिकारियों ने इन विद्यार्थियों का नामांकन खत्म कर दिया है। मंत्री के अनुसार, अमरीकी अधिकरियों ने यह भी कहा है कि जिन विद्यार्थियों का नामांकन खत्म कर दिया गया है और उन्होंने पुन:स्थापन के लिए आवेदन नहीं किया है या जिनका पुन:स्थापन आवेदन अस्वीकार कर दिया गया है, वे तुरंत देश छोड़ दें।
उन्होंने कहा, भारत सरकार अमेरिकी सरकार से संपर्क बनाए हुए है और समुचित प्रक्रिया अपनाने के लिए अमरीकी सरकार पर जोर दिया गया है, ताकि उत्पीडऩ और अन्याय न हो पाए।
Published on:
04 May 2016 11:18 pm
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