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Adopt a School Scheme -डीईओ एलिमेंट्री ने गोद लिए तीन स्कूल, करेंगे सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में डवलप

प्रदेश के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार करने, नामांकन बढाने और परीक्षा परिणाम में सुधार करने के साथ ही स्कूलों को Center for Excellence के रूप में विकसित करने के लिए अब शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल गोद ले रहे हैं। विभाग में 'Adopt a School Scheme' के तहत स्कूलों को गोद लेने की कवायद की जा रही है। इस संबंध में Education Director Gaurav Agarwalने निर्देश जारी किए हैं।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Apr 16, 2023

Rakhi Hajela

प्रदेश के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार करने, नामांकन बढाने और परीक्षा परिणाम में सुधार करने के साथ ही स्कूलों को Centers for Excellence के रूप में विकसित करने के लिए अब शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल गोद ले रहे हैं। विभाग में ‘Adopt a School Scheme’ के तहत स्कूलों को गोद लेने की कवायद की जा रही है। इस संबंध में Education Director Gaurav Agarwal ने निर्देश जारी किए हैं।
राजधानी जयपुर में जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने तीन सरकारी स्कूलों को गोद लिया है। जानकारी के मुताबिक डीईओ एलिमेंट्री जगदीश नारायण मीणा ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय शिवदासपुरा, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय श्रीराम की नांगल और राजकीय प्राथमिक विद्यालय प्रतापनगर स्कूल को गोद लिया है। मीणा के मुताबिक यह वह स्कूल हैं जहां नामांकन कम होने के साथ ही इनका परीक्षा परिणाम भी कम रहा है। साथ ही आधारभूत सुविधाओं का विकास किए जाने की भी आवश्यकता है। ऐसे में गोद लेने के बाद इन्हें भामाशाह की मदद से इनका विकास किया जाएगा।
यह है एडॉप्ट ए स्कूल योजना
योजना के तहत विभागीय अधिकारियों को उन स्कूलों को ही गोद लेना होगा, जिनका बोर्ड परीक्षा का परिणाम 50 फीसदी से कम रहा है।साथ ही ऐसे स्कूल जिनमें बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं बिजली, पानी, भवन, कक्षा कक्ष, शौचालय, फर्नीचर आदि का अभाव है तो ऐसे स्कूलों को गोद लेना होगा।

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गोद लेने के बाद यह होगी जिम्मेदारी
-गोद लेने वाले अधिकारी माह में दो बार स्कूलों का भौतिक सत्यापन करेंगे। -सत्र के शुरू होने से पहले स्कूल प्रशासन के सहयोग से स्कूल के विकास के लिए कार्य योजना करेंगे तैयार। वह इसके लिए भामाशाहों का भी सहयोग ले सकेंगे।
क्लास में शिक्षण कार्य का निरीक्षण करेंगे और शिक्षकों को बेहतर शिक्षण के लिए सम्बलन और जरूरी दिशा निर्देश लिखित में प्रदान करेंगे। अधिकारी स्कूल अवलोकन के दौरान बोर्ड क्लास के साथ दूसरी कक्षाओं पर विशेष रूप से फोकस करेंगे जिससे प्राइमरी स्तर पर बच्चों को आउटकम सीखने में आ रही परेशानी को समझ कर उसे दूर कर सके साथ ही बोर्ड परीक्षा में अध्ययनरत बच्चों का परीक्षा परिणाम भी बेहतर हो सके।
स्कूलों में खेलकूद, सांस्कृतिक, साहित्यिक, विभिन्न प्रकार के क्लब इत्यादि शैक्षिक व सह शैक्षिक गतिविधियों का गुणवत्तापूर्ण संचालन करवाना होगा। गोद लेने वाले अधिकारी स्कूल के कक्षावार व्हाट्पएप ग्रुप से जुडेंगे। जिससे उन्हें उस कक्षा में स्कूल प्रशासन की ओर से की जाने वाली एक्टिविटीज के साथ बच्चों के रिस्पॉन्स का पता चल सके।
ऐसे करना होगा स्कूलों का चयन
ब्लॉक स्तर के अधिकारी को अपने ब्लॉक के स्कूल का चयन करना होगा।संंयुक्त निदेशक को संभाग स्तर पर तीन स्कूलों का चयन करना होगा।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक और प्रारंभिक,अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा व प्राचार्य डाइट को अपने जिले के तीन तीन स्कूलों को गोद लेना होगा।

इनका कहना है

शिक्षा निदेशालय से प्राप्त निर्देशों के बाद ‘Adopt a School Scheme’ के तहत मैं तीन स्कूल गोद ले रहा हूं। अन्य अधिकारी भी इसी प्रकार से स्कूल गोद लेंगे, जिससे उनका विकास किया जा सके।
जेएन मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक