
नीरजा मोदी स्कूल मामला। फोटो: पत्रिका
जयपुर। जयपुर शहर के नीरजा मोदी स्कूल की सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) मान्यता रद्द होने के बाद स्कूल के सैकड़ों बच्चे मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। बोर्ड और वार्षिक परीक्षा की तैयारी के दौरान अचानक आए इस फैसले ने छात्रों का भविष्य अधर में डाल दिया है। बच्चे न तो मन लगाकर पढ़ाई कर पा रहे हैं और न ही उन्हें यह समझ आ रहा है कि अब वे आगे किस स्कूल में दाखिला लेंगे।
बीच सत्र के दौरान सीबीएसई की ओर से लिया गया यह निर्णय छात्रों की वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी में भी व्यवधान पैदा कर रहा है। बच्चों के मानसिक तनाव को देख अभिभावक भी परेशान हैं। पिछले दिनों में दो बार अभिभावक सीबीएसई के निर्णय के विरोध में प्रदर्शन कर चुके हैं।
कक्षा 11वीं की छात्रा सुनीता रैना का कहना है कि हमारी परीक्षाएं पास हैं। पहले ही परीक्षाओं का दबाव था, अब स्कूल की मान्यता खत्म होने से डर लग रहा है कि किस स्कूल में प्रवेश होगा। हर दिन घर में यही चर्चा होती है कि आगे क्या होगा। पढ़ने बैठते हैं तो दिमाग में यही चलता रहता है।
कक्षा 11वीं की छात्रा श्वेता सेठी का कहना है कि हमने मेहनत से यहां तक पढ़ाई की है। अब अचानक सब कुछ अनिश्चित हो गया है। दोस्तों से बात होती है तो सब डरे हुए हैं। नींद भी ठीक से नहीं आ रही। स्कूल में पढ़ाई का माहौल तो है, लेकिन भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
बच्चों की यह हालत देखकर अभिभावक भी परेशान हैं। मान्यता रद्द होने के बाद अभिभावक दो बार सीबीएसई के फैसले के विरोध में सड़कों पर उतर चुके हैं, लेकिन अब तक बोर्ड की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। अभिभावकों का कहना है कि गलती प्रबंधन की हो सकती है, लेकिन सजा बच्चों को मिल रही है। अभिभावक देविका का कहना है कि सीबीएसई को बच्चों के हित में कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उनका साल बर्बाद न हो।
Updated on:
15 Jan 2026 08:47 am
Published on:
15 Jan 2026 08:26 am
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