
जयपुर। हृदयांश के बाद अब मासूम अर्जुन जांगिड़ की जान बचाने के लिए जद्दोहद जारी है। मासूम अर्जुन स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉपी से पीड़ित है। जिसे साढ़े सत्रह करोड़ रुपए का इंजेक्शन लगना है। पीड़ित परिवार के पास अब तक करीब साढ़े छह करोड़ रुपए की राशि जन सहयोग से एकत्रित हो चुकी है। अगर फाइनेंस की बात भी करे तो परिवार को अभी भी करीब दो से ढ़ाई करोड़ तक की आवश्कता है। जिसके बाद फाइनेंस से उस इंजेक्शन को मंगाया जाएगा। जिससे अर्जुन को नई जिंदगी दी जा सकती है।
अब एक बारगी फिर शिक्षा विभाग ने इसके लिए कदम उठाया है। शिक्षा विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर के निदेशक आशीष मोदी की ओर से आदेश जारी किया गया है। जिसमें लिखा गया है कि सभी कर्मचारी व अधिकारी अपने जून महीने के वेतन से 60 रुपए की सहायता राशि स्वैच्छिक कटौती कराएं। जिससे बालक अर्जुन की जीवन रक्षा हो सके। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने अपील भी की है कि अगर कोई पीड़ित परिवार को सीधा सहयोग करना चाहता है तो उनके खाते में भी सहयोग राशि भेज सकता है। इसके लिए पीड़ित परिवार के बैंक खाता संख्या को जारी किया गया है। इधर पीड़ित परिवार ने भी आमजन से मदद करने की अपील की है, ताकी अर्जुन की जिदंगी बचाई जा सके।
पत्रिका ने चला रखी है मुहिम..
बता दें कि एसएमए पीड़ित बालक अर्जुन जांगिड़ की मां पूनम जांगिड़ है। जो राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, द्वारिकापुरी में प्रयोगशाला सहायक के पद पर कार्यरत है। पत्रिका की ओर से लंबे समय से मासूम अर्जुन के लिए मुहिम चला रखी है। जिसके चलते पीड़ित परिवार के पास अब तक लगभग साढ़े छह करोड़ रुपए एकत्रित हो चुके है। बता दें कि प्रदेश में करीब साढ़े लाख से ज्यादा कार्मिक शिक्षा विभाग में कार्यरत है। ऐसे में सभी कार्मिक अपने वेतन से 60 रुपए सहयोग राशि का दान करे तो करीब दो करोड़ रुपए की व्यवस्था होगी। जिससे अर्जुन के लिए इंजेक्शन आ सकता है।
ऐसे आए दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन…
एसएमए पीड़ित को बचाने के लिए दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन जोलगेनेस्मा लगाया जा सकता है। बता दें कि इंजेक्शन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी है। इंजेक्शन की कीमत करीब 17.5 करोड़ रुपए है। जिसे फाइनेंस के आधार पर मंगाया जाएगा। बाद में उसकी किश्तें दी जाएगी।
14 मई को हृदयांश को मिला था नया जीवन..
पिछले महीने हृदयांश को दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन लगाया गया था। अब उसे नया जीवन मिल गया है। इस इंजेक्शन को लगाने के लिए पुलिस महकमा आगे आया। उसके बाद पुलिस महकमे और जन सहयोग से राशि को एकत्रित किया गया। करीब 9 करोड़ रुपए जमा कराकर यह इंजेक्शन फाइनेंस से मंगाया गया। जेके लोन अस्पताल में 14 मई को डॉ प्रियांशु माथुर व उनकी टीम ने सफलतापूर्वक इस इंजेक्शन को हृदयांश को लगाया।
Published on:
22 Jun 2024 11:39 am
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