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सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद न्यायिक कर्मचारियों ने खत्म किया सामूहिक अवकाश, आज से फिर शुरू किया काम

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह अवकाश अवैध है और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मंगलवार को इस मामले में विस्तार से सुनवाई की जाएगी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (पत्रिका)

प्रतीकात्मक तस्वीर (पत्रिका)

राजस्थान में न्यायिक कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने के मुद्दे ने बड़ा मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और फटकार के बाद अब राज्य की अधीनस्थ अदालतों के न्यायिक कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। कर्मचारी 18 जुलाई से कैडर पुनर्गठन की मांग को लेकर सामूहिक अवकाश पर चले गए थे, जिससे अदालतों का कामकाज प्रभावित हो रहा था और मामलों की सुनवाई टल रही थी।

सोमवार सुबह सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सामूहिक अवकाश को लेकर नाराजगी जताई। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह अवकाश अवैध है और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मंगलवार को इस मामले में विस्तार से सुनवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद प्रदेश न्यायिक कर्मचारी संघ ने सामूहिक अवकाश खत्म करने का निर्णय लिया। इसके लिए संघ के पदाधिकारियों ने राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और राज्य के विधि मंत्री जोगाराम पटेल से मुलाकात की। इस बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिला जिसके बाद उन्होंने अवकाश वापसी की घोषणा कर दी।

अब आज यानी 30 जुलाई से प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों में न्यायिक कर्मचारी नियमित रूप से काम पर लौट आए हैं। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों के लिए संघर्ष जरूर करेंगे, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया को बाधित नहीं करेंगे। गौरतलब है कि न्यायिक कर्मचारी कैडर पुनर्गठन समेत कई मुद्दों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं।

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