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फसल बीमा योजना का प्रचार प्रसार कर रहा कृषि विभाग

प्रचार वाहनों को किया रवानादुर्गापुरा स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र से किया रवाना174 वाहन पूरे प्रदेश में फसल बीमा योजना के प्रति किसानों को करेंगे जागरुक

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jul 06, 2020

फसल बीमा योजना का प्रचार प्रसार कर रहा कृषि विभाग

फसल बीमा योजना का प्रचार प्रसार कर रहा कृषि विभाग

फसल बीमा योजना का गांव गांव तक प्रचार प्रसार करने के लिए कृषि विभाग सोमवार को अपने प्रचार वाहनों को रवाना किया। जिससे अधिक से अधिक किसानों को इस योजना की जानकारी मिल सके और वह इसका लाभ उठा सकें।
इस अवसर पर कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का गांव.गांव तक प्रचार.प्रसार कर किसानों को जागरुक करें ताकि योजना का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने सोमवार को यहां दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केन्द्र से प्रचार वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। उनका कहना था कि किसान को बीमा योजना से अच्छा फायदा मिल रहा है। इसमें काश्तकार को बाढ़, सूखा जैसी प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों से लेकर टिड्डियों के प्रकोप तक की वजह से होने वाले फसल खराबे का क्लेम मिल जाता है। इस वर्ष केन्द्र सरकार ने इस योजना को ऋणी किसानों के लिए स्वैच्छिक करने सहित कुछ बदलाव किए हैं। इन सबकी जानकारी तथा योजना के प्रति आम किसान को जागरुक करने के लिए प्रचार वाहनों को रवाना किया गया है। एेसे 174 वाहन पूरे राजस्थान में घूमकर किसानों को योजना के सभी पहलुओं के बारे में बताएंगे।

फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई
लालचंद कटारिया ने बताया कि खरीफ.2020 के लिए फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई रखी गई है। ऋणी किसानों का सम्बंधित बैंक स्वत: ही प्रीमियम काटकर बीमा कर लेगी लेकिन यदि कोई ऋणी किसान फसल बीमा योजना से अलग रहना चाहता है तो 8 जुलाई तक सम्बंधित बैंक शाखा में लिखित में घोषणा पत्र देकर अलगहो सकता है। इसका प्रारूप बैंक शाखा में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि गैर ऋणी किसान भी 15 जुलाई तक वाणिज्य बैंक, सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर, बीमा कम्पनी के अधिकृत एजेंट एवं राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर खरीफ फसलों के लिए बीमा करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड एवं बैंक पास बुक की फोटो कॉपी तथा नवीनतम जमाबंदी आवश्यक है।

खरीफ में इन फसलों का होगा बीमा
कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत फसली ऋण लेने वाले किसान, गैर ऋणी किसान, एवं बंटाईदार काश्तकार फसलों का बीमा करा सकते हैं। खरीफ के लिए बाजरा, ज्वार,मक्का, मूंग, मोठ, ग्वार, चंवला, उड़द, अरहर, सोयाबीन, तिल, धान, कपास एवं मूंगफली की फसल अधिसूचित की गई है। खरीफ फसलों के लिए काश्तकार को मात्र 2 फीसदी प्रीमियम जमा कराना होगा। इसके लिए तहसील एवं पटवार मंडल बीमा इकाई होगी।

केन्द्र एवं राज्य के समन्वित प्रयास से हो रहा टिड्डी नियंत्रण
कटारिया का कहना था कि टिड्डी नियंत्रण के लिए केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के आग्रह पर केन्द्र सरकार ने एयर स्प्रे करने के लिए हेलिकॉप्टर भेजा है। भविष्य में भी हरसंभव संसाधन मुहैया कराकर टिड्डी नियंत्रण किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि टिड्डी से काश्तकार को नुकसान नहीं हो।