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Ahoi Ashtami 2023: आज है अहोई अष्टमी का व्रत, जानिए किस समय दिया जाएगा तारों को अर्घ्य, क्या है इसका महत्व

Ahoi Ashtami 2023: कार्तिक कृष्ण अष्ठमी रविवार को विभिन्न योग संयोगों में अहोई अष्टमी के रूप में मनाई जाती है। ज्योतिषविदो के मुताबिक यह व्रत माताएं अपनी बच्चों की लंबी आयु ,यश,कीर्ति और रक्षा के लिए रखती हैं।

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जयपुर

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Nupur Sharma

Nov 05, 2023

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Ahoi Ashtami 2023: कार्तिक कृष्ण अष्ठमी रविवार को विभिन्न योग संयोगों में अहोई अष्टमी के रूप में मनाई जाती है। ज्योतिषविदो के मुताबिक यह व्रत माताएं अपनी बच्चों की लंबी आयु ,यश,कीर्ति और रक्षा के लिए रखती हैं। इस बार रवि पुष्य योग के संयोग में महिलाएं संतान के लिए सुबह से उपवास रखती हैं और शाम को ही अपना उपवास का समापन तारा को देखकर अपने व्रत का पारण करती हैं। कुछ महिलाएं चांद देखने के बाद व्रत खोलेगी।

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पद्मपुराण में भी उल्लेख
ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र शर्मा और घनश्याम शर्मा के मुताबिक अहोई अष्टमी के दिन दोपहर के समय हाथ में महिलाएं गेंहू के सात दाने और दक्षिणा लेकर अहोई की कथा सुनेगी। कार्तिक मास में इस व्रत का काफी महत्व माना गया है, वहीं इसकी महिमा का बखान पद्मपुराण में भी है। अनहोनी से बचाने वाली माता पार्वती है इसलिए इस व्रत में माता पार्वती की पूजा की जाती है। वहीं अहोई माता की पूजा के लिए गेरू से दीवार पर अहोई माता के चित्र के साथ ही सात पुत्रों की तस्वीर भी बनाई जाएगी। चावल, साबुत उड़द की दाल, मूली सहित अन्य पकवानों पर गेहूं के दाने रखकर तेल का दीपक जलाएगी।

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जानिए क्या है शुभ मुहूर्त: अहोई माता की तस्वीर के साथ सेई के चित्र की पूजा के साथ भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने का विधान हैं। अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त और तारा देखने का समय शाम 5 बजकर 41 मिनट से 8 बजकर 54 मिनट तक हैं।

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