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एम्स के छात्र ने किया आत्महत्या का प्रयास, हालत गंभीर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने पढ़ाई के दबाव से परेशान होकर रविवार दोपहर एम्स परिसर स्थित छात्रावास के कमरे में रस्सी से फंदा लगा आत्महत्या का प्रयास किया।

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avanish kr upadhyay

Jul 05, 2015

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने पढ़ाई के दबाव से परेशान होकर रविवार दोपहर एम्स परिसर स्थित छात्रावास के कमरे में रस्सी से फंदा लगा आत्महत्या का प्रयास किया। गम्भीर हालत में उसे मथुरादास माथुर अस्पताल के ट्रोमा आईसीयू में वेंटिलेटर पर रख गया है। शास्त्रीनगर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

थानाधिकारी आनंदसिंह राजपुरोहित के अनुसार जयपुर में फुलेरा थानान्तर्गत गादेड़ी निवासी गजेन्द्रसिंह (19) पुत्र प्रभु सिंह एम्स जोधपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। दोपहर करीब ग्यारह बजे जब वह छात्रावास के कमरे में अकेला था, तब उसने कमरा अंदर से बंद किया और सूत की रस्सी से फंदा बना पंखे पर लटक गया।

कुछ देर बाद सहपाठी वहां आया, लेकिन कमरे में से कोई जवाब नहीं आया। वहां लगे कांच की खिड़की से अंदर देखने पर गजेन्द्र फंदे पर लटका दिखाई दिया। छात्रावास प्रशासन की मदद से किसी तरह कमरे का दरवाजा खोला गया। तब तक उसकी सांसें चल रही थी।

रस्सी काटकर उसे नीचे उतारा गया और एम्स में जांच के बाद उसे बेहोशी की हालत में एमडीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर ले जाया गया। जांच के बाद उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। हालत गम्भीर होने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। एम्स अधिकारियों ने जयपुर स्थित परिजनों को सूचित किया है, जो देर शाम जोधपुर पहुंचे।

कोई यह सलाह नहीं देता कि एमबीबीएस छोड़ दो
गजेन्द्र के कमरे की तलाशी में पुलिस को कागज पर लिखा नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा है, कोई भी व्यक्ति यह सलाह नहीं देता है कि एमबीबीएस छोड़ दो। सभी यह कहते हैं कि एमबीबीएस रटने की पढ़ाई है, जिसे रट लो। मैं रटने में सक्षम नहीं हूं। मुझसे एमबीबीएस की पढ़ाई नहीं रटी जा रही है। मन करता है कि जीना छोड़ दूं। पुलिस को आशंका है कि वह एमबीबीएस नहीं करना चाहता होगा। परिजनों के दबाव व पढ़ाई की परेशानी में उसने यह कदम उठाया है।