
जयपुर
अक्षय तृतीया 2018: चाहे कोई भी धर्म हो, हर धर्म में कोई न कोई दिन अपने आप में खास महत्व रखता है। अगर हम भारत देश की बात करें तो यहां लोगों की आस्था का सैलाब बहुत ही गहरा होता है। अक्षय तृतीया का पर्व वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष को बहुत ही धूम -धाम से मनाया। अक्षय तृतीया का दिन अक्षय मुहूर्त वाला दिन माना गया है, एक ऐसी तिथि जिसका कभी क्षय न हो। इतना ही नहीं अक्षय तृतीया को युगादि तिथि भी कहा जाता है। सुख, शांति, सौभाग्य तथा समृद्धि के लिए इस दिन शिव-पार्वती व नर-नारायण के पूजन का विधान है।
इस दिन श्रद्धा-विश्वास के साथ व्रत रख जो प्राणी पवित्र नदियों और तीथोज़् में स्नान कर अपनी शक्तिनुसार देवस्थल व घर में यज्ञ, होम, देव-पितृ तर्पण, जप, दानादि शुभ कर्म करते हैं उन्हें उन्नत व अक्षय फल की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया में भगवान शिव के पूजन का महत्व बताया गया हैं। अक्षय तृतीया को शीतल जल, कलश, चावल, चने, दूध, दही, खाद्य व पेय पदार्थों सहित वस्त्राभूषणों शिवलिंग पर चढ़ाकर गरीबों में दान करना अक्षय व अमिट पुण्यकारी माना गया है।
इस बार 'अक्षय-तृतीया' पर धनतेरस की तरह करे खरीदारी। आज के दिन सोना- चांदी वाहन खरीदना बहुत ही शुभ है और आज के दिन चावल और गेहूं खरीदना न भूले। अक्षय तृतीया के दिन दोपहर 12 से 1:30 बजे के बीच भूल कर भी न करें खरीदारी क्योंकि 12 से 1:30 बजे तक राहुकाल का प्रकोप बना रहेगा।
इस बार 'अक्षय-तृतीया' 18 अप्रेल को मनाई जा रही हैं। शास्त्रों का माना है कि तृतीया तिथि में यदि सोमवार या बुधवार को रोहिणी नक्षत्र पड़ जाए तो इसे बहुत ही अच्छा माना जाता हैं। इस बार 11 साल बाद अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि का महासंयोग बना है। आपको बता दें कि अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त सुबह 4.47 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह 3.03 बजे तक रहेगा।
शास्त्रों के अनुसार 'अक्षय-तृतीया' के दिन ही पीतांबरा, नर-नारायण,परशुराम जी का अवतार हुआ था। इसलिए आज के दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है। आज के दिन शुभ मुहूर्त में सोने की खरीदारी करनी चाहिए, इससे आपके घर में धन का योग ? बना रहता हैं।
Published on:
18 Apr 2018 11:19 am
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