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अलर्ट! पोर्नोग्राफी का आया अपडेट ऑडियो फॉर्मेट

ऑडियो फॉर्म में कई पॉडकॉस्ट एप्लीकेशन व यू-ट्यूब पर पोर्न स्टोरीज की भरमार

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अलर्ट! पोर्नोग्राफी का आया अपडेट ऑडियो फॉर्मेट

अलर्ट! पोर्नोग्राफी का आया अपडेट ऑडियो फॉर्मेट

जयपुर। पोर्नोग्राफी के फोटो-वीडियो के बाद ऑडियो फॉर्मेट के जरिए अश्लीलता परोसने का दायरा बढ़ता जा रहा है। इसके लिए किसी विशेष वेबसाइट या अन्य किसी प्लेटफॉर्म की भी आवश्यकता नहीं है, बल्कि पॉडकास्ट करने वाली मोबाइल एप्लीकेशंस और यू-ट्यूब पर ही ऑडियो पोर्नोग्राफी परोस रहे हैं। इसे सुनने के लिए उम्र की भी कोई बाध्यता नहीं है। ऐसे में बच्चे व किशोरों पर इसका गलत असर पड़ रहा है। अश्लीलता के इस बाजार पर न तो केंद्र सरकार की नजर है और न ही राज्य सरकार को ज्यादा फिक्र। सरकारें पोर्नोग्राफी को रोकने के लिए केवल पोर्न वेबसाइट्स को ही बंद करवाने तक सीमित है। जबकि समय के साथ इसका स्वरूप लगातार बदल रहा है।

यू-ट्यूब पर करोड़ों व्यूज, पॉडकॉस्ट एप्स पर 3-4 अंक की रेटिंग
-यू-ट्यूब पर जो चैनल पोर्नोग्राफी का अश्लील कंटेट परोस रहे हैं, उन पर करोड़ों व्यूज हैं। इतना ही नहीं ये कंटेट कई प्रकार की भाषाओं में परोसे जा रहे हैं।
-कई चैनल्स तो बलात्कार तक की कहानियां परोस रहे हैं। वहीं किताबें सुनाने वाली कई एप्लीकेशन पर भी इस अश्लील कंटेट की भरमार है।
-अलग-अलग एपीसोड फॉर्म में मौजूद कंटेट को 3-4 अंक की रेटिंग भी दी गई है, जो कि दर्शाती है संबंधित कंटेंट अच्छा है।
-पोर्न के इस चेहरे को म्यूजिक और पॉडकास्ट स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स ने तेजी से प्रचारित कर रहे हैं।

कार्रवाई : केवल वीडियो-फोटो कंटेंट तक सीमित
देश में पॉर्नग्राफी को बनाने, बेचने, शेयर करने व प्रदर्शन आदि पर प्रतिबंध है, लेकिन यह प्रतिबंध केवल फोटो-वीडियो कंटेंट तक ही सीमित है। केंद्र सरकार ने पिछले 7-8 वर्ष में 924 वेबसाइट्स बैन की है। इसके अलावा कोर्ट के आदेश, साइबर सेल को मिली शिकायत के आधार पर कुछ वेबसाइट्स बैन करवाई गई। इसी तरह राज्य सरकार की साइबर सेल भी संबंधित सर्विस प्रोवाइडर को नोटिस भेजकर वीडियो कंटेंट को हटवा रही है। हालांकि, ऑडियो पोर्नोग्राफी के खिलाफ राज्य में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। राज्य में साइबर सेल किसी व्यक्ति की शिकायत मिलने पर व एनसीआरबी से मिल रही सूचना के आधार पर ही कार्रवाई कर रहा है। इनमें से अधिकांश कार्रवाई एनसीआरबी से मिली सूचना के आधार पर की जा रही है।

फैक्ट फाइल :
-सर्वाधिक पोर्नोग्राफी कंटेंट देखने वाला भारत दुनिया का तीसरा देश
-अब तक 924 पॉर्न वेबसाइट्स को बैन किया है केंद्र सरकार ने
-आखिरी बार सिंतबर 2022 में 67 वेबसाइट्स को बैन किया गया
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-गलत या प्रतिबंधित कंटेंट परासेने वाले की भी पहचान कर एक्शन ले रहे हैं। वीडियो, फोटो का इस्तेमाल गलत प्रकार के कंटेंट में हो रहा है तो आईटी एक्ट 2008 की धारा 79 के तहत कार्रवाई की जाती है। ऑडियो कंटेंट को लेकर अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
-पूनम चौधरी, निरीक्षक, साइबर थाना, एसओजी