
जयपुर शहर में बीसलपुर सिस्टम के वितरण मंत्र की मरम्मत पर सालाना होने वाले करोड़ों रुपए का मोटा खर्च सवालों के घेरे में है। दो वर्ष पहले प्रोजेक्ट विंग के इंजीनियरों ने अमानीशाह हैड वर्कर्स पर 74 लाख रुपए खर्च कर स्वच्छ जलाशय में आए क्रैक की मरम्मत की थी। लेकिन, मरम्मत के बाद फिर इस क्रैक से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट विंग के इंजीनियर एमएनआईटी के विशेषज्ञों से सलाह के बाद क्रैक की मरम्मत करेंगे। अगले सप्ताह विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम अमानीशाह हैड वर्कर्स पहुंचकर क्रैक को देखेगी।
पेयजल सप्लाई हो सकती है बाधित: प्रोजेक्ट इंजीनियरों के अनुसार जलाशय में तले से दीवार की ओर लगभग 40 फुट का क्रैक है। इसकी मरम्मत में 10 से 12 घंटे का समय लग सकता है। ऐसे में विद्याधर नगर, झोटवाडा, विश्वकर्मा समेत कई इलाकों में पेयजल सप्लाई बाधित हो सकती है।
जैसा लाइन का हाल वैसा ही वितरण तंत्र का
जैसा हाल बीसलपुर पाइप लाइन का है वैसा ही शहर में बीसलपुर वितरण तंत्र का है। लाइन में आए दिन लीकेज से लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ता है। वैसे ही शहर में कभी पाइप लाइनें फट जाती हैं तो कभी जलाशयों मे क्रैक आ जाता है।
हुई थी अनियमितताएं
इंजीनियरों के अनुसार अमानीशाह हैड वर्कर्स पर 1997 में 90 लाख लीटर क्षमता के इस जलाशय का निर्माण हुआ था। निर्माण की गुणवत्ता में कई अनियमितताएं हुई। जिसका खमियाजा अब तक भुगतना पड़ रहा है।
एमएनआईटी के विशेषज्ञ इंजीनियरों की चर्चा के बाद ही क्रैक की मरम्मत होगी। मरम्मत के दौरान पेयजल सप्लाई बाधित नहीं होगी। सतीश जैन, अधीक्षण अभियंता बीसलपुर प्रोजेक्ट
Published on:
03 Dec 2023 01:29 pm

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