
देश के 51 शक्तिपीठों में से एक गुजरात का अम्बाजी यात्राधाम और जैन तीर्थ स्थल तारंगा हिल शीघ्र ही जिले के पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू व आबूरोड रेलवे स्टेशन से रेल मार्ग के माध्यम से जुड़ेंगे। आबूरोड से वर्तमान में यात्राधाम अम्बाजी और तारंगा हिल जाने के लिए केवल सड़क मार्ग ही एक मात्र विकल्प है। रेल मंत्रालय ने करीब 2798 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।
इससे देशभर से अम्बाजी धार्मिक यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी। यह रेल लाइन सिरोही जिले, गुजरात के बनासकांठा व साबरकांठा जिले से होकर गुजरेगी। इनमें कुल 11 रेलवे स्टेशन होंगे। धार्मिक यात्रा के अलावा लोगों को कृषि उपज व स्थानीय उत्पादों के शीघ्र परिवहन में भी सुविधा मिल सकेगी।
केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने इस परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल से स्वीकृति मिलने की जानकारी दी। गत वर्ष प्रोजेक्ट को लेकर 2798.16 करोड़ की डीपीआर रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी गई थी। जिसे मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। कुल 116.65 किलोमीटर लम्बी लाइन पर 54 बड़े पुल, 151 छोटे पुल 8 रोड ओवरब्रिज, 54 रोड अंडरब्रिज होंगे।
परियोजना को लेकर आबूरोड, अम्बाजी के क्षेत्रवासियों एक दशक से भी लम्बे समय से स्वीकृति का इंतजार था। रेलवे स्टेशन से वंचित अम्बाजी शहर में अजमेर मंडल का पीआरएस वर्तमान में स्थापित है। रेल मार्ग से यात्राधाम के जुड़ने से देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को इसकी सुविधा मिल सकेगी। आबूरोड से इस लाइन का सीधा जुड़ाव होने से आबूरोड रेलवे स्टेशन का भी यात्रीभार बढ़ेगा।
तारंगा हिल
गुजरात के मेहसाणा जिले स्थित तरंगा हिल में अजितनाथ भगवान का मंदिर है। यह स्थान जैन मंदिरों के लिए विख्यात है। बारहवीं सदी में सोलंकी राजा कुमारपाल ने जैन मंदिर का निर्माण करवाया था। वर्तमान में तारंगा हिल रेलवे स्टेशन केवल महेसाणा रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है।
अम्बाजी मंदिर
अम्बाजी मंदिर गुजरात के बनासकांठा जिले में है। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित मंदिर में हर वर्ष लाखों की संख्या में भक्त आते हैं। केवल छह दिवसीय भादरवी पूनम मेले में गुजरात, राजस्थान के अलावा विभिन्न राज्यों से हर वर्ष 15 लाख से अधिक भक्त मंदिर आते हैं।
Published on:
14 Jul 2022 06:52 pm
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