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अमित शाह के अचानक बने भीलवाड़ा कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलचल शुरू, यहां जानिए हकीकत

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जयपुर

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Nidhi Mishra

Sep 16, 2018

Amit Shah Rajasthan visit, rajasthan assembly election 2018

Amit Shah Rajasthan visit, rajasthan assembly election 2018

भीलवाड़ा/ जयपुर। BJP National President AMit Shah सोमवार को पहली बार भीलवाड़ा आ रहे हैं। पहले शाह का कार्यक्रम नागौर आने का था। अचानक भीलवाड़ा का कार्यक्रम बनने को लेकर राजनीतिक हलके में खासी चर्चा है। सब लोग अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। कई सवाल भी हैं कि आखिर भीलवाड़ा का चयन कैसे हुआ।


सूत्रों के अनुसार दो माह पहले दिल्ली से एक खुफिया टीम जिले में आई थी। इस टीम ने सातों विधानसभा क्षेत्रों (Rajasthan Assembly election 2018 startegy) का दौरा किया। इस टीम की जो रिपोर्ट थी, वह पार्टी के लिए चौंकाने वाली थी। इसमें कुछ एेसे तथ्य सामने आए, जो पार्टी के लिए चिंताजनक थे। जिले में कुल सात में से पांच विधायक भाजपा के हैं। छह माह पहले मांडलगढ़ उप चुनाव में भाजपा को शिकस्त मिली थी। इसकी रिपोर्ट भी हाईकमान को गई थी। यहां उपचुनाव में सात बार सीएम के आने के बावजूद भाजपा को सफलता नहीं मिली। अब आने वाले चुनावों में सातों सीटों पर कोई बड़ा नुकसान नहीं हो जाए, इसे लेकर प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई है।


सूत्रों के मुताबिक उस टीम ने सात में से पांच विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के लिए चिंता वाली स्थिति बताई थी। हालांकि कुछ लोगों का तर्क है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष एेसे जिला स्तर पर जाकर छोटे मामलों में नहीं पड़ते हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो कुछ जिलों को डार्कजोन मानते हुए जो रिपोर्ट गई थी, उसमें भीलवाड़ा भी शामिल है। एेसे में यहां चुनावों से पहले कैसे स्थितियां सुधारी जा सकती हैं, इस पर दौरे में फोकस रह सकता है। चुनावों के मद्देनजर पार्टी अब बूथ, शक्ति केंद्र और पन्ना प्रमुख तक जाकर अपनी नींव मजबूत कर रही है।


बोलचाल के संबंध भी अच्छे नहीं
जिला भाजपा के पदाधिकारियों के रिश्तों में कड़वाहट है। सूत्रों के अनुसार कई जगह तो बोलचाल के संबंध भी अच्छे नहीं हैं। विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी व यूआइटी चेयरमैन गोपाल खंडेलवाल के बीच नाराजगी कई बार सामने आ चुकी है। जिलाध्यक्ष दामोदर अग्रवाल व शहर विधायक अवस्थी के बीच खींचतान रही है। सांसद सुभाष बहेड़िया ने भी इन दिनों शहर में गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसके भी लोग कई मायने निकाल रहे हैं। भाजपा से डेढ़ माह पहले निष्कासन के बावजूद ललिता समदानी अब भी नगर परिषद की सभापति बनी हुई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं में भी कई बातों को लेकर नाराजगी है। एेसे कई मामले हैं, जिनकी शिकायत कई बार प्रदेश स्तर पर तक हुई। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश स्तर पर इनकों ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई तो बात दिल्ली पहुंची। इन सब बातों को चलते आलाकमान में भीलवाड़ा जिले की छवि ज्यादा अच्छी नहीं है। यही वजह है कि शाह के दौरे से जिला भाजपा में मिठास घोलने की कोशिश होगी। (BJP Bhilwara)


सम्मेलन की सूचियां बनने में भी पसीना
जानकारों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह के दौरे को लेकर कार्यकर्ताओं की सूचियां तैयार हो गई हैं। अभी शहर में जो मंडल बने हैं, उसमें से कुछ मंडलों ने सूचियां भी समय पर नहीं भिजवाई थी। बाद में बड़े नेता को दखल देना पड़ा। इन मंडलों में बैठे पदाधिकारियों में भी यह देखा जा रहा है कि कौन किस गुट का है। एक कारण यह भी राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह श्रीनाथजी के भक्त हैं। उनके यहां जाने का कार्यक्रम बना, इसलिए भीलवाड़ा का कार्यक्रम तय हो गया। पहले भीलवाड़ा के कार्यकर्ताओं को नागौर जाना था। बाद में टोंक व भीलवाड़ा का सम्मेलन यहां करना तय हो गया। कुछ लोगों में यह भी चर्चा है कि आरएसएस के सह कार्यवाह से भी राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह की मुलाकात हो सकती है। शाह शाम को कुछ देर के लिए माधव गोशाला जाएंगे और वहां संघ के प्रमुख पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे।


बाकी जगह भी स्थिति अच्छी नहीं
शहर भाजपा के अलावा बाकी जगह भी हालात अच्छे नहीं हैं। सहाड़ा में काका-भतीजे के किस्से चर्चा में हैं। आसींद में पूरे परिवार की सक्रियता लोगों को नहीं भा रही है। मांडल में नजदीकी ही दूर-दूर हो रहे हैं। जहाजपुर में लंबी लाइन लगी है। मांडलगढ़ में तो कई दिग्गज बैठे हैं, जो अपना काम पहले भी उप चुनाव में दिखा चुके हैं। अब इनसे सचेत रहने के लिए पार्टी को ही कुछ नया करना पड़ेगा।