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असंतोष के चौथे दिन फूटा आक्रोश, घंटेभर तक हुआ हंगामा

-एमजी अस्पताल में एसडीएम के मुआयने के बाद उखड़ा नर्सिंग स्टाफ-एएओ की गलतबयानी पर नारेबाजी, तालाबंदी की नौबत टाली

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असंतोष के चौथे दिन फूटा आक्रोश, घंटेभर तक हुआ हंगामा

असंतोष के चौथे दिन फूटा आक्रोश, घंटेभर तक हुआ हंगामा

बांसवाड़ा. जिला मुख्यालय के एमजी अस्पताल में संसाधनों की कमी से कोरोना संदिग्धों की स्क्रीनिंग और आइसोलेशन में उपचार के दौरान संक्रमण के शिकार होने की आशंका से चल रहा असंतोष चौथे दिन फूट पड़ा। यहां एसडीएम के मुआयने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर खफा होकर नर्सिंग स्टाफ एकजुट हुआ। स्टाफ ने नारेबाजी कर पीएमओ कक्ष में हंगामा कर दिया। घंटेभर बवाल के बाद जैसे-तैसे माहौल शांत किया गया। इस बीच, नर्सेज एसोसिएशन ने 48 घंटे में सुरक्षा के साधन मुहैया नहीं होने पर काम नहीं करने का ऐलान किया।

इससे पहले यहां एसडीएम पीएस चुंडावत ने अस्पताल पहुंचकर पीएमओ ने वस्तुस्थिति देखी। उन्होंने आइसोलेशन वार्ड और स्क्रीनिंग के इंतजाम की भी जानकारी ली। इस दौरान नर्सिंग स्टाफ ने यहां थ्री लेयर मास्क, एन-95 मास्क और पीपीई किट नहीं होने से जांच और उपचार में खतरा बताया। स्टाफ ने मुखर होकर कहा कि साहब, हमारे भी बीवी-बच्चे हैं। एक संक्रमित होते ही सभी के लिए मुश्किलें हो जाएगी। प्रोटेक्शन जरूरी है, लेकिन अस्पताल प्रशासन इसे नजरअंदाज कर संसाधन उपलब्ध नहीं करवा रहा। इस पर एसडीएम चुंडावत ने कलक्टर से वार्ता कर व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाया। उनके जाने के बाद शिकायतों को लेकर पीएमओ और सहायक लेखा अधिकारी हरिप्रसाद गुप्ता ने स्टाफ के सामने कथित रूप से अनर्गल टिप्पणी कर दी। इसकी जानकारी पर स्टाफ के सौ से ज्यादा सदस्य एकत्र हो गए और नारेबाजी कर काम बंद करने की चेतावनी दी।

संवाद के बीच दखल पर उत्तेजित हुए वरिष्ठ

यहां एएओ गुप्ता द्वारा स्टाफ सदस्यों पर अंदर की बातें बताने के आरोप लगाने से बात बिगड़ी। इस पर नर्सिंगकर्मी तालाबंदी करने को कहते हुए पीएमओ कक्ष में पहुंचे। यहां नर्सिंग अधीक्षक नवनीत सोनी और वरिष्ठ महेश चौबीसा ने गुप्ता को गलतबयानी पर टोका ही था कि बीच में कार्यालयकर्मी वी. जॉय ने दखल दी। इनके बचाव में उतरने ही मामला डायवर्ड हो गया और बवाल बढ़ गया। बाद में विवाद इस कदर बढ़ा कि एकबारगी जॉय को बाहर भेजना पड़ा। करीब एक घंटे तक यहां माहौल गर्म रहा। बाद में कार्मिक यह कहते हुए चले गए कि अब 48 घंटे में बंदोबस्त नहीं होने पर काम नहीं करेंगे।

सीएमएचओ ने भी ली टोह

इससे पहले सुबह करीब दस बजे सीएमएचओ डॉ. हीरालाल ताबियार अस्पताल पहुंचे और उन्होंने संसाधनों की मांग और स्थिति के बारे में चर्चा की। इस दौरान यहां पांच मल्टी पैरामॉनीटर, 200 पीपीई किट, 30 इंफ्रारेट थर्मामीटर और 25 पल्स ओक्सोमीटर की मांग की गई। एएसओ गुप्ता के अनुसार इससे पहले 24 मार्च को दस इंफ्रारेड, 320 पीपीई किट, 400 बोतल हैंड सेनेटाइजर, 7000 फेस मास्क सहित अन्य सामान मांगा गया, लेकिन आधा भी उपलब्ध नहीं हुआ।

22.5 लाख आ चुके पर...

जिले में कोरोना संक्रमण पर काबू के लिए राज्यसभा सांसद से 12.5 लाख, लोकसभा क्षेत्र सांसद से 5 लाख और पांचों विधायकों से एक-एक लाख रुपए जिला प्रशासन को मिल चुके हैं। इसके बाद भी एमजी अस्पताल में भी संसाधनों का बंदोबस्त नहीं हुआ है।

इनका कहना है....

संसाधनों की कमी दूर करने के लिए जयपुर और इंदौर गाडिय़ां भेजी हैं। सीएमएचओ और जिला प्रशासन से लगातार समन्वय कर रहे हैं। कुछ किट, सेनेटाइजर, मास्क आए हैं, जिन्हें दिए गए हैं और आते ही जरूरत अनुसार उपलब्ध करवाएंगे।

डॉ. एनएल चरपोटा, पीएमओ एमजी अस्पताल