पहले तो तकरीबन दो साल तक बिना निदेशक विभाग चलता रहा फिर जैसे तैसे निदेशक तो मिला लेकिन विभाग में कार्यरत अन्य अधिकारियों की डीपीसी का मामला अटक गया। बात हो रही है प्रदेश के पशुपालन विभाग (Animal Husbandry) की, जिसमें कार्यरत वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी (विशिष्ट) (Specific senior veterinary officer working) की डीपीसी पिछले 10 साल से नहीं हो पाई है, यानी यह अधिकारी पिछले 13साल से अपनी पदोन्नति के इंतजार में है।
वहीं वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी सामान्य की डीपीसी 2017 में हुई थी,उसके बाद से यह अधिकारी भी अपनी डीपीसी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उनका यह इंतजार पूरा ही नहीं हो पा रहा। ऐसे में कितने ही अधिकारी अब बिना डीपीसी ही रिटायर होने जा रहे हैं।
तीन माह पूर्व दिए थे निर्देश
गौरतलब है कि विभाग की यह स्थिति तब है जबकि विभाग के मंत्री लालचंद कटारिया ने खुद इस संबंध में निर्देश दे चुके हैं। उन्होंने तकरीबन तीन माह पूर्व निर्देश दिए थे कि जिन अधिकारियों की डीपीसी अब तक नहीं हो पाई है उनकी डीपीसी की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाए लेकिन तीन माह बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
यह है राज्य सरकार के निर्देश
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्ष में दो बार डीपीसी की बैठक कर यह प्रक्रिया पूरी की जाए लेकिन पशुपालन विभाग तो लंबे समय से यह प्रक्रिया कर ही नहीं पा रहा। कुछ अधिकारी 13साल से तो कुछ पिछले 6 साल से अपनी पदोन्नति के इंतजार में हैं।
आ रही है यह अडचन
विभागीय सूत्रों के मुताबिक निदेशालय में ऐसे कई अधिकारी कार्यरत हैं जो पदों के विरूदृध यहां लगे हुए हैं, यदि डीपीसी हो जाती है तो उन्हें निदेशालय से जाना पडेगा और वह निदेशालय छोडकर फील्ड की पोस्टिंग नहीं चाहते। नतीता डीपीसी नहीं हो पा रही।
निदेशक पद पर डीपीसी में लगा समय
गौरतलब है कि इससे पूर्व निदेशक के पद पर डीपीसी भी लंबे इंतजार के बाद हो पाई थी, पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया लगातार डीपीसी करवाए जाने की बात करते रहे लेकिन इस प्रक्रिया में भी समय लगा, कुछ ऐसा ही हाल अब वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी की डीपीसी में हो रहा है।